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वाराणसी: पशु तस्करी मामले में लाइन हाजिर सिपाही गया जेल, कई और पर गिरेगी गाज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 28 Sep 2018 09:12 PM IST
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पशु तस्करों से सौदेबाजी की ऑडियो क्लिप व्हाट्स ऐप पर वायरल होने के बाद शुरू हुई थी जांच
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पशु तस्करी में संलिप्तता के मामले में लाइन हाजिर किया गया वाराणसी के मिर्जामुराद थाने का सिपाही आफाक हैदर अली शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। इलाहाबाद जिले के घूरपुर थाना के सड़वा खुर्द निवासी हैदर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गुरुवार की देर रात गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इसी मामले में लाइन हाजिर इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। संभावना जताई गई है कि इंस्पेक्टर विश्वजीत अभी और बड़ी कार्रवाई की जद में आएंगे।
पढ़ेंः पशु तस्करी मामले में थाना प्रभारी हुए लाइनहाजिर, तस्करों के साथ 'सेटिंग' का ऑडियो हुआ था वायरल
24 सितंबर को व्हाट्स ऐप पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। ऑडियो क्लिप में सिपाही हैदर और पशु तस्कर की बातचीत थी। प्रकरण के अनुसार मिर्जामुराद क्षेत्र में मवेशियों से भरे दो ट्रक 22 सितंबर को पकड़े गए थे। कार्रवाई के बजाय मिर्जामुराद थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह की मिलीभगत से थाने की जीप का चालक सिपाही हैदर दोनों ट्रकों को छोड़ने के लिए पशु तस्करों से दो से पांच लाख रुपये में सौदेबाजी कर रहा था।
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पढ़ेंः पशु तस्करों का नेटवर्क है बनारस में बहुत ही तगड़ा, वायरल ऑडियो क्लिप ने पुलिस की खोल दी है पोल
वायरल क्लिप के आधार पर एसएसपी ने सीओ कैंट को जांच सौंप कर रिपोर्ट तलब की। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने हैदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर उसे गिरफ्तार कराया और इंस्पेक्टर विश्वजीत को निलंबित कर दिया। जांच रिपोर्ट आने पर इंस्पेक्टर विश्वजीत के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।
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24 सितंबर को व्हाट्स ऐप पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। ऑडियो क्लिप में सिपाही हैदर और पशु तस्कर की बातचीत थी। प्रकरण के अनुसार मिर्जामुराद क्षेत्र में मवेशियों से भरे दो ट्रक 22 सितंबर को पकड़े गए थे। कार्रवाई के बजाय मिर्जामुराद थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह की मिलीभगत से थाने की जीप का चालक सिपाही हैदर दोनों ट्रकों को छोड़ने के लिए पशु तस्करों से दो से पांच लाख रुपये में सौदेबाजी कर रहा था।
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वायरल क्लिप के आधार पर एसएसपी ने सीओ कैंट को जांच सौंप कर रिपोर्ट तलब की। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने हैदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर उसे गिरफ्तार कराया और इंस्पेक्टर विश्वजीत को निलंबित कर दिया। जांच रिपोर्ट आने पर इंस्पेक्टर विश्वजीत के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।
पत्नी और करीबी हैदर की गिरफ्तारी का करते रहे विरोध
हैदर की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही गुरुवार की देर रात उसकी पत्नी और करीबी इलाहाबाद से मिर्जामुराद थाने पहुंच गए थे। पत्नी और करीबियों ने हैदर की गिरफ्तारी का विरोध किया। इस दौरान उन सभी की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में होने के कारण पुलिस ने भी सख्ती दिखाई और हैदर छूट नही पाया।
मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी तो कार्रवाई में आई तेजी
पशु तस्करी में जिले की पुलिस की संलिप्तता उजागर होने पर गुरुवार को शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी नाराजगी जताई थी। साथ ही, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री का सख्त रुख देख उनके शहर से जाते ही सिपाही हैदर की खोजबीन कर उसे गिरफ्तार किया गया और इंस्पेक्टर विश्वजीत को निलंबित किया गया।
मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी तो कार्रवाई में आई तेजी
पशु तस्करी में जिले की पुलिस की संलिप्तता उजागर होने पर गुरुवार को शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी नाराजगी जताई थी। साथ ही, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री का सख्त रुख देख उनके शहर से जाते ही सिपाही हैदर की खोजबीन कर उसे गिरफ्तार किया गया और इंस्पेक्टर विश्वजीत को निलंबित किया गया।
पशु तस्करों का नेटवर्क है बनारस में बहुत ही तगड़ा,
पशु तस्करों से मिलीभगत के आरोप में लाइन हाजिर कर विभागीय जांच भले ही शुरू कर दी गई है मगर जिले में इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानी जाए तो पशु तस्करी का अवैध धंधा पुलिस की मिलीभगत के चलते ही तमाम पाबंदियों के बावजूद भी फलफूल रहा है।
इस नेटवर्क की जड़े इतनी गहरी हैं कि जिला, रेंज और जोन स्तरीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती। सूत्रों के अनुसार जिन पशु तस्करों से बातचीत की ऑडियो क्लिप वायरल हुई है उनसे एक लाख रुपये प्रति माह एक अधिकारी को देने के नाम पर लिया जाता था।
साथ ही, कहा गया था कि यदि हमारा ट्रांसफर हो गया तो तुम सबका काम बिगड़ जाएगा। इस तरह से ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर तस्करों से पांच लाख रुपया लिया गया था। फिलहाल मामले की जांच सीओ कैंट एएसपी अनिल कुमार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट एसएसपी के पास आएगी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे और कार्रवाई की जद में अन्य पुलिसकर्मी भी आएंगे।
इस नेटवर्क की जड़े इतनी गहरी हैं कि जिला, रेंज और जोन स्तरीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती। सूत्रों के अनुसार जिन पशु तस्करों से बातचीत की ऑडियो क्लिप वायरल हुई है उनसे एक लाख रुपये प्रति माह एक अधिकारी को देने के नाम पर लिया जाता था।
साथ ही, कहा गया था कि यदि हमारा ट्रांसफर हो गया तो तुम सबका काम बिगड़ जाएगा। इस तरह से ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर तस्करों से पांच लाख रुपया लिया गया था। फिलहाल मामले की जांच सीओ कैंट एएसपी अनिल कुमार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट एसएसपी के पास आएगी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे और कार्रवाई की जद में अन्य पुलिसकर्मी भी आएंगे।