{"_id":"80ae2125f19d9a5af2232f8c0bd5b894","slug":"lesvesjan-continuance-was-presented-on-his-death-anniversary-of-the-mine-example-of-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर पेश हुई तहजीब की मिसाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर पेश हुई तहजीब की मिसाल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 22 Aug 2015 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहनाई के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की याद में शुक्रवार को दरगाहे फातमान में कुछ चाहनेवालों ने कुरानशरीफ की आयतें पढ़ीं, तो कुछ ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। जनप्रतिनिधियों, अफसरों, संगीतप्रेमियों का उनकी कब्र पर जमावड़ा लगा। मौका था उस्ताद की 10वीं पुण्यतिथि का। दिन में पुष्पांजिल अर्पित की गई तो शाम को उस्ताद की याद में महफिल सजाई गई। कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे वाराणसी जोन के आईजी अमरेंद्र सिंह सेंगर, जिलाधिकारी राजमणि यादव ने उस्ताद की स्मृतियों को संजोने वाली योजनाओं को जल्द मूर्त रूप दिलाने का भरोसा दिलाया।
उस्ताद की कब्र पर फूल चढ़ाने का सिलसिला दिन के 11 बजे से शाम तीन बजे तक चला। पिंडरा के विधायक अजय राय के प्रतिनिधि के रूप में सुरेश राय पहुंचे। इस दौरान अरसा बाद शुरू हुए उस्ताद के मकबरे के निर्माण पर भी चर्चा की गई। आईजी ने कहा कि काशी में उस्ताद का मकबरा गंगा-जमुनी तहजीब का मिसाल होगा। उस्ताद बनारस, संगीत और शहनाई के पर्याय थे। उस्ताद के नाम पर संग्रहालय की स्थापना
करने के लिए सारनाथ के पास जमीन चिह्नित कर ली गई है। मेरी कोशिश है कि उस्ताद की यादों को सहेजने के लिए संग्रहालय का निर्माण शहर के करीब कराया जाए। जिलाधिकारी राजमणि यादव ने भी उस्ताद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारीजनों से कुशलक्षेम पूछी। उस्ताद की कब्र पर उन्हें याद करने वालों में महताब हुसैन, उस्ताद जामिन हुसैन, तबला वादक नाजिम हुसैन, जरीना बेगम, अजरा बेगम, अब्बास रिजवी शफक, प्रमोद वर्मा, फरमान हैदर, अरुण सिंह, नजमुल हसन, फरहत अब्बास, अब्बास मुर्तजा
विज्ञापन
शम्सी समेत तमाम लोग शामिल थे। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी आफाक हैदर ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। शाम को कन्हैया लालगुप्त समृति भवन में उस्ताद की याद में फिल्म यादें बिस्मिल्लाह दिखाई गई। नाजिम हुसैन, पं. देवाशीष डे, नरेंद्र गुप्ता को सम्मानित किया गया। इसके बाद परोमिता मुखर्जी ने वायलिन पर राग हंसध्वनि की अवतारणा की। कार्यक्रम स्वरांगना ललित कला केंद्र की ओर से किया गया। सुरेंद्र मिश्र शीलू ने आभार जताया।
विज्ञापन
उस्ताद की कब्र पर फूल चढ़ाने का सिलसिला दिन के 11 बजे से शाम तीन बजे तक चला। पिंडरा के विधायक अजय राय के प्रतिनिधि के रूप में सुरेश राय पहुंचे। इस दौरान अरसा बाद शुरू हुए उस्ताद के मकबरे के निर्माण पर भी चर्चा की गई। आईजी ने कहा कि काशी में उस्ताद का मकबरा गंगा-जमुनी तहजीब का मिसाल होगा। उस्ताद बनारस, संगीत और शहनाई के पर्याय थे। उस्ताद के नाम पर संग्रहालय की स्थापना
विज्ञापन
करने के लिए सारनाथ के पास जमीन चिह्नित कर ली गई है। मेरी कोशिश है कि उस्ताद की यादों को सहेजने के लिए संग्रहालय का निर्माण शहर के करीब कराया जाए। जिलाधिकारी राजमणि यादव ने भी उस्ताद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारीजनों से कुशलक्षेम पूछी। उस्ताद की कब्र पर उन्हें याद करने वालों में महताब हुसैन, उस्ताद जामिन हुसैन, तबला वादक नाजिम हुसैन, जरीना बेगम, अजरा बेगम, अब्बास रिजवी शफक, प्रमोद वर्मा, फरमान हैदर, अरुण सिंह, नजमुल हसन, फरहत अब्बास, अब्बास मुर्तजा
विज्ञापन
शम्सी समेत तमाम लोग शामिल थे। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी आफाक हैदर ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। शाम को कन्हैया लालगुप्त समृति भवन में उस्ताद की याद में फिल्म यादें बिस्मिल्लाह दिखाई गई। नाजिम हुसैन, पं. देवाशीष डे, नरेंद्र गुप्ता को सम्मानित किया गया। इसके बाद परोमिता मुखर्जी ने वायलिन पर राग हंसध्वनि की अवतारणा की। कार्यक्रम स्वरांगना ललित कला केंद्र की ओर से किया गया। सुरेंद्र मिश्र शीलू ने आभार जताया।