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जनता का काम छोड़ विरोध-प्रदर्शन करना लेखपालों को पड़ा भारी, नौ पर मुकदमा
Thu, 26 Dec 2019 10:27 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Thu, 26 Dec 2019 10:27 PM IST
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हड़ताल के दौरान लेखपाल
- फोटो : अमर उजाला
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आईजीआरएस, जनसुनवाई, तहसील, बंटवारे, खसरा खतौनी, आय, जाति, निवास से जुड़े तकरीबन दस हजार से अधिक आवेदन तीनों तहसीलों में ंपेंडिंग पड़े हैं। सबसे अधिक सदर में तकरीबन साढ़े छह हजार आवेदन पेंडिंग हैं।
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इनके अलावा राजातालाब और पिंडरा में भी मामले पेंडिंग हैं। यह सब कुछ लेखपालों के विरोध-प्रदर्शन के चलते हुआ है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन की ओर से नौ लेखपालों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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बीते 10 तारीख से चल रहे हड़ताल के चलते आम जनता का एक भी कार्य नहीं हुआ। इन पर एस्मा लगाया गया। यही नहीं कई लोगों को सस्पेंड किया गया। बावजूद इसके जब लेखपाल कार्य पर नहीं लौटे तो शासन के निर्देश पर नौ लेखपालों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें सदर के पांच, राजातालाब के दो और पिंडरा के दो लेखपाल शामिल हैं।
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एसडीएम सदर महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि काम नहीं करने वाले नौ लेखपालों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। उधर लेखपाल संघ के अध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि एफआईआर के बारे में जानकारी नहीं है। आठ सूत्रीय मांगों के लिए हमारा विरोध बीते 10 तारीख से जारी है। एस्मा तक लगाया गया है। हमारी आवाज को दबाने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है। हम लोगों की आवाज दबने वाली नहीं है।