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Exclusive: गाड़ी का नंबर भी पूर्वांचल के जनप्रतिनिधि और बाहुबलियों की है पहचान, नेताजी को VIP नंबर का है गुमान

Thu, 22 Feb 2024 06:04 PM IST
प्रगति चंद शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 22 Feb 2024 06:04 PM IST
सार

पूर्वांचल के बाहुबलियों व जनप्रतिनिधियों के गाड़ी की पहचान उनके वाहनों का नंबर भी है। काफिला लेकर चलने वाले बाहुबलियों का अपने सीरिज के नंबर से अनोखा प्रेम है। जनप्रतिनिधि और बाहुबली जब सड़कों पर निकलते हैं तो लगभग सभी लोगों के गाड़ी नंबर से पहचान हो जाती है।

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leaders and bahubali special identification of VIP number on vehicles in UP
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

0001, 0108, 0009, 8088 सहित और भी बहुत से नंबर केवल अंकगणित नहीं हैं, बल्कि पूर्वांचल के बाहुबलियों की पहचान भी है। वाराणसी में पूर्व एमलएसी बृजेश सिंह के वाहनों का काफिला 0108 से पहचान रखता है तो उनके भतीजे सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह अपनी 0001 की पहचान के साथ निकलते हैं। वर्षों पुरानी गाड़ी हो या काफिले की अगुवाई करने वाली नई चमचमाती लग्जरी गाड़ी, बेड़े में आगे से लेकर पीछे तक एक ही नंबर के वाहन के दौड़ लगाते हैं।

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बाहुबलियों के इस शौक से परिवहन विभाग भी वाकिफ है, यही कारण है कि नेताजी के नंबरों पर उनके इशारे के बिना कोई अधिकार नहीं जमा सकता। अलग अलग विधाओं के ऐसे लोग जो सामाजिक रूप से बाहुबलियों के शागिर्द के रूप में पहचान रखते हैं, उनके भी वाहनों पर यह पहचान नंबर प्लेट पर चस्पा है। अपनी गाड़ी और काफिले से पहचान बनाने वाले जनप्रतिनिधि और बाहुबली जब सड़कों पर निकलते हैं तो लगभग सभी लोगों को बिना शक्ल देखे सिर्फ गाड़ी नंबर से ही इनकी शिनाख्त हो जाती है।
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गाड़ियों को लेकर इनकी एक और खासियत होती है। काफिले की सभी गाड़ियां न सिर्फ एक ही नंबर की होती हैं बल्कि उनका रंग भी एक ही होता है। इनसे जुड़े समर्थक भी उसी रंग और नंबर का वाहन लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते रहते हैं।

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सोशल मीडिया पर काफिले के रील का शौक

अपनी खास नंबर के वाहनों के काफिले से चलने वाले बाहुबली नेताओं के समर्थकों में इन दिनों सोशल मीडिया का शौक भी सिर चढ़कर बोल रहा है। लंबे-लंबे काफिले के रील बाहुबलियों के अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये वायरल किए जा रहे हैं।

आरटीओ में माननीयों के वीआईपी नंबर दर्ज
संभागीय परिवहन कार्यालय में वीआईपी नंबर के सीरिज का शुल्क निर्धारित है और इनकी मांग भी खूब ज्यादा है। इसमें 0001, 0009, 0108 सहित अन्य नंबरों पर स्लाॅट खुलने के साथ ही बुकिंग होती है। आम आदमी को लेकर इन नंबरों के लिए लंबी जद्दोजहद करनी पड़ती है।

इन माननीयों की इस नंबर से है पहचान
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के वाहन 8088, सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह के काफिले में 0001, एमएलसी विनीत सिंह के वाहन 0009, पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह 0108, पिंडरा विधायक अवधेश सिंह 4455, जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह 9777, माफिया मुख्तार अंसारी के वाहन 786, जेल में बंद घोषी सांसद अतुल राय 7272, सैय्यदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डबलू 9090, बलिया के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह 1245, चंदौली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबलि सिंह 1245, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल 8081 और मझवा विधायक विनोद बिंद 2111 वाहन नंबर से पहचाने जाते हैं।

अधिकारी बोले
वीआईपी नंबरों की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित शुल्क के जरिये कराई जाती है। किस नंबर से किसकी पहचान है, यह जानकारी नहीं है। कार्यालय में प्रत्येक वाहनों के विवरण दर्ज होता है। -सर्वेश चतुर्वेदी, एआरटीओ, प्रशासन
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