फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   lal krishna advani gets emotional during varanasi visit

पीएम के संसदीय क्षेत्र में लाल कृष्ण आडवाणी, इस पल को याद कर हो गए भावुक

Sun, 05 Nov 2017 04:12 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 05 Nov 2017 04:12 PM IST
विज्ञापन
lal krishna advani gets emotional during varanasi visit
बोले- काशी में अस्त होते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर धन्य हो गया - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के शीर्ष नेता लाल कृष्ण आडवाणी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में  हैं। शनिवार शाम उन्होंने देव दीपावली में हिस्सा लिया तो रविवार सुबह काशी विश्वनाथ के दर पर पहुंचे। काशी प्रवास के दूसरे दिन भी वह संगठन और सत्ता दोनों से अलग-थलग नजर आए।
विज्ञापन


कार्तिक पूर्णिमा की चांदनी रात में गंगा के जिस खिड़किया घाट पर उन्होंने अपने जन्मदिन पर दीये जलाए थे, उसी घाट पर रविवार की सुबह उन्होंने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। आडवाणी सुबह 5:30 बजे अपनी पुत्री प्रतिभा के साथ खिड़किया घाट पहुंचे।
विज्ञापन


6:08 बजे सूर्योदय को उन्होंने निहारा। इसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान वो काशी से जुड़ी बचपन की यादें ताजा कर भावुक हो गए। बेटी के अलावा आसपास के मौजूद लोगों से उन्होंने तब की स्मृतियों को साझा किया, जब बचपन के दिनों में वह इस तीर्थनगरी में आए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

आडवाणी बोले, जीवन को धन्य कर लिया

lal krishna advani gets emotional during varanasi visit
, खिड़किया घाट पर सूर्य को दिया अर्घ्य - फोटो : अमर उजाला
 लाल कृष्ण आडवाणी ने बताया कि जब मैं छोटा था तब अपने दादा- दादी, माता- पिता के साथ काशी आया था। उन्हीं की कृपा से पूरे भारत के तीर्थों का दर्शन कर सका। वह कुछ देर अतीत-और वर्तमान की तुलना करते रहे।

बोले, यहां मैंने अपना जन्म दिन मनाकर काशी के सूर्यास्त और उदय दोनों का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य कर लिया। तभी किसी ने कहा कि सर, अभी हम लोग सूर्य के दर्शन के लिए खड़े होकर इंतजार कर रहे थे लेकिन अब उनके ताप से हटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

तब, आडवाणी ने जवाब दिया कि प्रकृति और शरीर का मिलाप होना जरूरी है। वह काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और घाटों के सौंदर्य का बखान करने लगे। उनका कहना था कि दूर-दूर से लोग घाटों की छटा निहारने आते हैं।

नहीं आ पाते तो यू-ट्यूब और अन्य माध्यमों से घाटों का दर्शन करते हैं। काशी के घाटों की आध्यात्मिक ऊर्जा है, अपने आप लोगों को अपनी ओर खींचती है। वह करीब घंटे भर घाट पर रहे। इसके बाद सर्किट हाउस चले गए। 

बेटी संग बाबा विश्वनाथ का किया रुद्राभिषेक

lal krishna advani gets emotional during varanasi visit
काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर लोगों का अभिवादन करते आडवाणी - फोटो : अमर उजाला
खिड़किया घाट पर इस मौके पर महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, समाजसेवी किशन कुमार जालान के अलावा कुछ अफसर मौजूद थे। इसके बाद वह सर्किट हाउस चले गए। फिर 10:30 बजे वह विश्वनाथ के दरबार पहुंचे।

वहां करीब 20 मिनट तक उन्होंने गर्भगृह में बाबा का रुद्राभिषेक किया। पं. राकेश पारासर के आचार्यत्व में पांच वैदिक विद्वानों ने अभिषेक कराया। बाबा के दर्शन के बाद मंदिर के सफाई पर्यवेक्षक योगेंद्र गर्ग ने उन्हें अंगवस्त्रम, बाबा विश्वनाथ का चित्र, भस्म, चंदन और प्रसाद भेंट किया।

इस दौरान वह बाबा के स्वर्ण शिखर को अपलक निहारते रहे। यहां उनके साथ भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष एमएलसी लक्ष्मण आचार्य मौजूद थे। मंदिर से बाहर निकलते समय मीडिया कर्मियों की भीड़ उनके मुखातिब होने के लिए पहले से मौजूद थी लेकिन वह वहां लोगों का अभिवादन करते हुए सीधे कार में सवार होकर निकल गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed