{"_id":"626d8fa3807ba32c704e2210","slug":"kundan-became-180-recruits-by-heating-in-the-furnace-of-labor-varanasi-news-vns651184684","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेहनत की भट्ठी में तपकर कुंदन बने 180 रंगरूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेहनत की भट्ठी में तपकर कुंदन बने 180 रंगरूट
विज्ञापन
छावनी स्थित 39 जीटीसी में 42 हफ्ते के कठिन प्रशिक्षण के बाद 180 रंगरूट शनिवार को भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। परेड मैदान में रंगरूटों ने देश की रक्षा के लिए जान न्यौछावर करने की शपथ ली। प्रभावशाली पासिंग आउड परेड के बाद भारतीय सेना का हिस्सा बने गोरखा जवानों को नेपाली संस्कृति के अनुसार उनका परंपरागत हथियार खुखरी भेंट किया गया। उनके परिजनों को भी गौरव पदक से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सेना प्रमुख 39 जीटीसी ब्रिगेडियर राजीव नाग्याल (सेना मेडल) ने सलामी लेने के साथ ही भव्य परेड का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि सभी जवान सदैव अनुशासन, शारीरिक क्षमता और लक्ष्य को हमेशा ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ते रहें। इस दौरान पवित्र ग्रंथ गीता पर हाथ रखवा कर दंड पाल अधिकारी ने सैनिकों को शपथ दिलाई। सैनिकों ने कसम खाई कि उन्हें जब कभी भी जमीन, हवा और पानी के रास्ते देश रक्षा के लिए कहीं भी भेजा जाएगा तो वह जोश और जज्बे के साथ जाएंगे। भारतीय संघ के अधिनायक और सेना के उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए देश रक्षार्थ वह अपने प्राणों को बलिदान करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।
भारतीय सेना का हिस्सा बने रंगरूटों ने पासिंग आउट परेड से पहले 42 हफ्ते का कठिन प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कुशल अनुदेशकों के देखरेख में यह सिखाया जाता है कि विषम परिस्थितियों में भी रहकर वह देश की रक्षा कैसे करेंगे। गोरखा रेजिमेंट के पाइप बैंड की धुन के बीच पासिंग आउट परेड के बाद रंगरूट से यंग रायफल मैन बने जवान धीमी चाल में कतारबद्ध स्मृति धाम पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
इन्हें मिला सर्वश्रेष्ठ का खिताब
बेस्ट इन ड्रिल यंग राइफलमैन लुक्ता जंगा खत्री, बेस्ट इन बेनेट और खुखरी फाइटिंग यंग राइफलमैन दिलीप सिंजली, बेस्ट इन कॉम्बेट ऑब्सटेक्ल कोर्स और ले. कपाडिया ट्राफी यंग राइफलमैन निशान श्रेष्ठ, बेस्ट इन टेक्टिस यंग राइफलमैन पूरन गुरुंग, बेस्ट इन फायरिंग यंग राइफलमैन रेकम बहादुर केसी, बेस्ट इन बीपीईटी यंग राइफलमैन नयन तमंग, सेकेंड आल राउंड बेस्ट का जनरल एमके लाहिरी मेडल यंग राइफलमैन संतोष घले और आल राउंड बेस्ट की गौरव तलवार यंग राइफलमैन झलक बहादुर राना को दिया गया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि सेना प्रमुख 39 जीटीसी ब्रिगेडियर राजीव नाग्याल (सेना मेडल) ने सलामी लेने के साथ ही भव्य परेड का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि सभी जवान सदैव अनुशासन, शारीरिक क्षमता और लक्ष्य को हमेशा ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ते रहें। इस दौरान पवित्र ग्रंथ गीता पर हाथ रखवा कर दंड पाल अधिकारी ने सैनिकों को शपथ दिलाई। सैनिकों ने कसम खाई कि उन्हें जब कभी भी जमीन, हवा और पानी के रास्ते देश रक्षा के लिए कहीं भी भेजा जाएगा तो वह जोश और जज्बे के साथ जाएंगे। भारतीय संघ के अधिनायक और सेना के उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए देश रक्षार्थ वह अपने प्राणों को बलिदान करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
भारतीय सेना का हिस्सा बने रंगरूटों ने पासिंग आउट परेड से पहले 42 हफ्ते का कठिन प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कुशल अनुदेशकों के देखरेख में यह सिखाया जाता है कि विषम परिस्थितियों में भी रहकर वह देश की रक्षा कैसे करेंगे। गोरखा रेजिमेंट के पाइप बैंड की धुन के बीच पासिंग आउट परेड के बाद रंगरूट से यंग रायफल मैन बने जवान धीमी चाल में कतारबद्ध स्मृति धाम पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
इन्हें मिला सर्वश्रेष्ठ का खिताब
बेस्ट इन ड्रिल यंग राइफलमैन लुक्ता जंगा खत्री, बेस्ट इन बेनेट और खुखरी फाइटिंग यंग राइफलमैन दिलीप सिंजली, बेस्ट इन कॉम्बेट ऑब्सटेक्ल कोर्स और ले. कपाडिया ट्राफी यंग राइफलमैन निशान श्रेष्ठ, बेस्ट इन टेक्टिस यंग राइफलमैन पूरन गुरुंग, बेस्ट इन फायरिंग यंग राइफलमैन रेकम बहादुर केसी, बेस्ट इन बीपीईटी यंग राइफलमैन नयन तमंग, सेकेंड आल राउंड बेस्ट का जनरल एमके लाहिरी मेडल यंग राइफलमैन संतोष घले और आल राउंड बेस्ट की गौरव तलवार यंग राइफलमैन झलक बहादुर राना को दिया गया।