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कुंभामहाभिषेक : काशी में 44 साल बाद हो रहा आयोजन, मां अन्नपूर्णा का होगा विशेष अनुष्ठान; आएंगे CM Yogi

Sun, 19 Jan 2025 03:45 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 19 Jan 2025 03:45 AM IST
सार

काशी के अन्नपूर्णा मंदिर में होने वाले इस विशेष आयोजन में देशभर के साधु-संत जुटेंगे। इसके लिए शृंगेरी मठ में 10 यज्ञशाला बनाए जा रहे हैं। मां अन्नपूर्णा का विशेष अनुष्ठान होगा।

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Kumbhamabhishek organized in Kashi after 44 years rituals Maa Annapurna performed CM Yogi arrive
मां अन्नपूर्णा के दरबार में खड़े महंत। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Maa Annapurna Temple in Kashi : मां अन्नपूर्णा का 44 साल बाद हो रहा कुंभामहाभिषेक में हर वर्ग व समाज के लोग शामिल होंगे। शृंगेरी पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य विधुशेखर भारती सहित देशभर के साधु-संत भाग लेंगे। विधि अनुष्ठान होगा। शृंगेरी पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य विधुशेखर भारती व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए शृंगेरी मठ में 10 यज्ञशाला बनाए जा रहे हैं।

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शनिवार को विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र स्थित अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट यूनिट टू में कुंभामहाभिषेक एवं प्रतिष्ठा संस्कार महोत्सव को लेकर बैठक हुई। स्वागत समिति एवं आयोजन समिति का गठन हुआ। वक्ताओं ने महोत्सव के पूरे अनुष्ठान पर चर्चा की। 
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संयोजक एवं काशी विद्वत्परिषद् के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि प्रयागराज से शंकराचार्य के काशी आगमन के लिए मोहन सराय में प्रथम द्वार बनेगा। द्वितीय द्वार मंडुवाडीह, महमूरगंज चौराहे पर तृतीयद्वार और चतुर्थ द्वार श्रृंगेरी मठ में बनाया जाएगा। 

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होगी विशेष व्यवस्था
कुल आठ द्वारों का निर्माण होगा। शंकराचार्य सनातन धर्म इंटर कॉलेज में 31 जनवरी को शाम पांच बजे पहुंचेंगे। वहां से डमरू दल, शंखनाद, शहनाई वादन और चारों वेदों के पारायण के साथ वह श्री अन्नपूर्णा मंदिर में प्रवेश करेंगे। वहां पर शंकराचार्य को संस्कृत में स्वागत पत्र समर्पित किया जाएगा और शंकराचार्य मां अन्नपूर्णा का पूजन करेंगे। एक जनवरी को सुबह सात बजे से अन्नपूर्णा मंदिर से दशाश्वमेध घाट तक जलयात्रा निकाली जाएगी। 

कुंभाभिषेक की पूर्णाहुति सात फरवरी को मंदिर में होगा। सहस्त्रचंडी यज्ञ सहित अन्य अनुष्ठान आठ फरवरी तक शृंगेरी मठ में होगा। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से एकादशवार रुद्र पाठ के साथ रुद्राभिषेक होगा। जबकि तीन से सात फरवरी तक सुबह व शाम को यज्ञ व देवताओं का पूजन, मूलमंत्र, हवन, महानीराजन, चारों वेदों व 18 पुराणों का पारायण पाठ व मंत्र जप होगा।

उन्होंने बताया कि कुंभाभिषेक में काशी के सभी लोगों को जोड़ा जाएगा। इसमें मराठी समाज, बंग समाज, मैथिल समाज, व्यापारीवर्ग, मेडिकल और एडवोकेट एसोसिएशन, शिक्षाविद्, साहित्यकार, चित्रकार आदि शामिल हैं। सभी को निमंत्रित किया गया है। बैठक में महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, जनार्दन शर्मा, पं. प्रमोद, प्रो. रमाकान्त पांडेय, प्रदीप श्रीवास्तव, कमल तिवारी, रमेश तिवारी, प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, शेखर घनपाठी, अभिनव सुब्बाराव शास्त्री आदि शामिल रहे।

ये होगा अनुष्ठान
स्वामी विधुशेखर भारती आठ दिन तक अनुष्ठान में भाग लेंगे। चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद शास्त्री ने बताया कि चंद्रमौलिश्वर पूजा, सहस्त्रचंडी यज्ञ, अतिरुद्र यज्ञ, ललिता शहस्त्रार्चन, कोटि कुंकुंमार्चन, अधिवास हवन, विद्वत सभा, चारों वेदों व शास्त्रों पर सभा होगी।

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