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सात करोड़ के राजस्व बकाए में कोरियाई कंपनी का कार्यालय सील करने पर विवाद, दो घंटे तक हंगामा

Tue, 27 Nov 2018 08:43 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र Updated Tue, 27 Nov 2018 08:43 PM IST
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korean company office staff make protest after seal for royalty by government
कंपनी के कर्मचारियों ने किया टीम का घेराव - फोटो : अमर उजाला
सोनभद्र के ओबरा सी में कार्यरत कोरिया की दूसान कंपनी पर करीब सात करोड़ रुपये राजस्व बकाया है। मंगलवार को कार्यालय को सील करने गए नायब तहसीलदार कैलाश यादव व अमीन को कंपनी के कर्मचारियों ने मंगलवार को घेर लिया।  नायब तहसीलदार के साथ गई ओबरा थाना पुलिस तमाशबीन बनी रही। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।
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अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और राजस्व टीम बगैर कार्रवाई किए लौट गई। बताया जा रहा है कि टीम को बंधक भी बनाया गया मगर अफसर इससे इनकार करते रहे। ओबरा सी में कार्यरत दूसान कंपनी पर सात करोड़ 17 लाख 13 हजार 80 रुपये राजस्व बकाया है।
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इस धनराशि की वसूली के लिए राबर्ट्सगंज तहसील प्रशासन ने कंपनी को कई बार नोटिस जारी किया था लेकिन कंपनी ने राजस्व जमा नहीं किया। इस पर मंगलवार को नायब तहसीलदार कैलाश यादव क्षेत्रीय अमीन और ओबरा थाना पुलिस के साथ सुबह करीब साढ़े दस बजे दूसान कंपनी के कार्यालय पर पहुंचे।
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वहां नायब तहसीलदार ने परियोजना निर्माण के लिए समतलीकरण में इस्तेमाल की गई मिट्टी की रायल्टी के रूप में बकाया सात करोड़ 17 लाख 13 हजार 80 रुपये जमा कराने के लिए चर्चा की। इसके बाद दूसान के कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार कैलाश यादव ने सभी कर्मचारियों को बाहर निकलने का निर्देश दिया और दफ्तर सील करने लगे।

इस पर राजस्व टीम और दूसान कंपनी के कर्मचारियों में विवाद होने लगा। कर्मचारियों ने राजस्व टीम को घेर लिया और कार्यालय सील नहीं करने दिया। 

करीब साढ़े 11 बजे तक कर्मचारियों ने राजस्व टीम को घेरे रखा। सूचना पाकर ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. एके सिंह, दूसान पावर के यूनिट हेड बोनकिम, प्रभारी निरीक्षक ओबरा अभय कुमार सिंह पहुंच गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। मौके पर ओबरा सी परियोजना के महाप्रबंधक  कैलाश सिंह ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब दस बजे नायब तहसीलदार मुकेश यादव 1320 मेगावाट ओबरा सी परियोजना की कार्यदायी संस्था मेसर्स दूसान पावर सिस्टम इंडिया के कार्यालय पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे।

चूंकि परियोजना के विरुद्ध मिट्टी के उपयोग की रायल्टी 1,19,52,080 तथा रायल्टी धनराशि का पांच गुना रुपये 5,97,60,900 पेनाल्टी लेकर कुल 7,17,13,080 रुपये वसूली के लिए आरसी काटी गई थी। इसी की वसूली के लिए नायब तहसीलदार आए थे। बताया कि रायल्टी के विरुद्ध मामला कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है।

फर्म का कहना है कि परियोजना में मिट्टी उपयोग पर रायल्टी नहीं लगनी चाहिए। नायब तहसीलदार के संज्ञान में इन तथ्यों को लाया गया तथा कमिश्नर कोर्ट का निर्णय आने तक वसूली स्थगित रखने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद राजस्व टीम वहां से बगैर कोई कार्रवाई किए लौट गई। 
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