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ककरमत्ता आरओबी के ज्वाइंट हुए जानलेवा
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Sat, 03 Jan 2015 02:06 AM IST
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वाराणसी। लगभग साढ़े तीन साल पहले आम लोगों के आवागमन के लिए खोले गए ककरमत्ता रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के जोड़ों पर जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। इसके चलते दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। जोड़ों (ज्वाइंट्स) पर लगे लोहे नुकीले हैं जिससे
वाहनों के पंक्चर होने की आशंका बनी रहती है। अति व्यस्त मार्ग होने के बाद भी इस आरओबी के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में इसके और क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
लहरतारा से बीएचयू को जोड़ने वाले ककरमत्ता आरओबी पर औपचारिक रूप से जून 2011 में आवागमन शुरू हुआ था। इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 12 नवंबर 2011 को किया था। इसके निर्माण पर करीब 18 करोड़ रुपये का खर्च हुए थे। निर्माण में गुणवत्ता
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पर ध्यान न देने और रखरखाव के अभाव में आरओबी के बीचोंबीच और दोनों छोर के कुछ जोड़ों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। कहीं-कहीं जोड़ों के आसपास की सड़क भी गड्ढे का रूप ले चुकी है। इससे आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
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वाहनों के पंक्चर होने की आशंका बनी रहती है। अति व्यस्त मार्ग होने के बाद भी इस आरओबी के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में इसके और क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
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लहरतारा से बीएचयू को जोड़ने वाले ककरमत्ता आरओबी पर औपचारिक रूप से जून 2011 में आवागमन शुरू हुआ था। इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 12 नवंबर 2011 को किया था। इसके निर्माण पर करीब 18 करोड़ रुपये का खर्च हुए थे। निर्माण में गुणवत्ता
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पर ध्यान न देने और रखरखाव के अभाव में आरओबी के बीचोंबीच और दोनों छोर के कुछ जोड़ों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। कहीं-कहीं जोड़ों के आसपास की सड़क भी गड्ढे का रूप ले चुकी है। इससे आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।