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दादा-दादी की मेहनत से पौत्री ने चूमा फलक
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 22 May 2016 01:52 AM IST
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अपने दादा रिटायर्ड कर्नल आरएन सिंह और दादी सुशीला के साथ अंकिता।
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सीबीएसई 12वीं में इलाहाबाद परिक्षेत्र में चौथी रैंक हासिल करने वाली जिले की टॉपर अंकिता सिंह की सफलता पर उसके दादा-दादी की आंखें भर उठीं। बुजुर्ग दंपती को अचानक से वो दिन याद आ गए जब मां के निधन के बाद अंकिता उनकी गोद में आई थी। तब अंकिता की उम्र महज चार साल थी। दादा-दादी की गोद में अंकिता पली-बढ़ी। दिन बीते, साल बीते। पौत्री को पढ़ा लिखाकर एक सफल इंसान बनाने के लिए बुजुर्ग दंपती ने कोई कसर नहीं छोड़ी। दादा-दादी से मिले प्यार-स्नेह और हौसले ने सपनों में सफलता के रंग भर दिए।
सामनेघाट के मारुति नगर के रहने वाले रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर कर्नल आरएन सिंह मूलत: चंदौली जिले के सीमावर्ती बिहार के कैमूर, मुनार के निवासी हैं। उनके पुत्र डॉॅ. बिंदेश्वरी सिंह मुनार के पास ही रामगढ़ में चिकित्सक हैं। डॉ. बिंदेश्वरी सिंह की पुत्री अंकिता मां के निधन के बाद अपने दादा-दादी के पास सामनेघाट आ गई। कर्नल आरएन सिंह और उनकी पत्नी सुशीला सिंह ने पौत्री की परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। दादा-दादी के प्यार और मेहनत की बदौलत आखिर अंकिता ने भी वो मुकाम हासिल कर दिखाया जिस पर हर किसी को फख्र है। अंकिता का लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है। शनिवार को रिजल्ट आने के बाद अंकिता के स्कूल पहुंचे उसके दादा-दादी की आंखों में खुशी के आंसू साफ झलक रहे थे और पौत्री तो बस यही कह रही थी कि मेरे दादा जी मेरे भगवान हैं।
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सामनेघाट के मारुति नगर के रहने वाले रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर कर्नल आरएन सिंह मूलत: चंदौली जिले के सीमावर्ती बिहार के कैमूर, मुनार के निवासी हैं। उनके पुत्र डॉॅ. बिंदेश्वरी सिंह मुनार के पास ही रामगढ़ में चिकित्सक हैं। डॉ. बिंदेश्वरी सिंह की पुत्री अंकिता मां के निधन के बाद अपने दादा-दादी के पास सामनेघाट आ गई। कर्नल आरएन सिंह और उनकी पत्नी सुशीला सिंह ने पौत्री की परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। दादा-दादी के प्यार और मेहनत की बदौलत आखिर अंकिता ने भी वो मुकाम हासिल कर दिखाया जिस पर हर किसी को फख्र है। अंकिता का लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है। शनिवार को रिजल्ट आने के बाद अंकिता के स्कूल पहुंचे उसके दादा-दादी की आंखों में खुशी के आंसू साफ झलक रहे थे और पौत्री तो बस यही कह रही थी कि मेरे दादा जी मेरे भगवान हैं।
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