वाराणसी: बाबा विश्वनाथ, गंगा और संस्कृत को केंद्र में रखकर होगा काशी का विकास- बीएल संतोष
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि चरैवति-चरैवति का सिद्धांत अपनाने वाले हर काल खंड में जीवित रहते हैं। काशी इस बात का जीता जागता उदाहरण है। काशी समय के साथ विकास के नए आयाम गढ़ रही है। काशी का विकास बाबा विश्वनाथ, गंगा और संस्कृत को केंद्र में रखकर ही हो सकता है। इससे हटकर कोई विकास कार्य बनारस में नहीं हो सकता है।
गुरुवार को छोटी गैबी में धर्माचार्यों के साथ बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने कहा कि काशी का विकास फै क्ट्री लगाकर, मॉल बनाकर, बड़ी-बड़ी इमारतें बनाकर नहीं किया जा सकता है। काशी एक जीवनशैली है और जागृत पुरातन शहर। काशी के विकास के लिए केंद्र में बाबा विश्वनाथ, मां गंगा और संस्कृत को रखना होगा।
इससे अलग किसी भी विकास का खाका नहीं खींचा जा सकता है। उन्होंने धर्माचार्यों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि बनारस में इन तीन केंद्र बिंदुओं से हटकर कोई विकास का काम नहीं होगा। पौराणिकता को आधार बनाकर ही बनारस को विकसित करना है। काशी के विकास के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग और सहमति के बिना कोई कार्य नहीं होगा।
बनारस में अगर रिंग रोड बना और फ्लाईओवर बनाया गया तो इसके केंद्र में भी बाबा विश्वनाथ हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह निर्माण किए गए हैं। अब तो मुसलमान देशों में भी मंदिर बन रहे हैं। अबू धाबी ने इसकी शुरुआत कर दी है और कुछ ही दिनों में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भी हो जाएगी। उन्होंने काशी के धर्माचार्यों का आह्वान करते हुए कहा कि वह युवाओं को अपने धर्म और संस्कृति से जोड़ें।
युवा अगर नहीं जुड़ेंगे तो एक पीढ़ी सनातन धर्म से दूर हो जाएगी। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने की। इसके बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुधाम स्थित संसदीय कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारी डा. नीलकंठ तिवारी, प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, नवरतन राठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मठ मंदिरों के संरक्षण का उठाया मुद्दा
अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने कहा कि काशी में पौराणिक मंदिर और मठों का संरक्षण बेहद जरूरी है। इसके बिना काशी के विकास की कल्पना नहीं हो सकती है। कबीर मठ के महंत गोविंद दास ने कबीर मठ के विकास का मुद्दा उठाया। महंत श्रवण दास ने खिड़किया घाट पर चल रहे विकास कार्य के कारण मठों को तोड़ने का मुद्दा उठाया। धर्माचार्यों ने गंगा किनारे दो सौ मीटर के दायरे में स्थित मठ और मंदिरों को संरक्षित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही संस्कृत विद्यालय, मठों और बटुकों की स्थिति को सुधारने का मुद्दा उठाया गया।
पहले सामाजिक फिर राजनीतिक कार्यकर्ता
राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने कैंट विधानसभा की महामना मंडल के भेलुपुर शक्तिकेंद्र की बूथ संख्या 219 की बूथ समिति व पन्ना प्रमुखों की बैठक की। अस्सी स्थित मुमुक्षु भवन में उन्होंने कहा, भाजपा कार्यकर्ता राजनीतिक बाद में पहले सामाजिक कार्यकर्ता है। प्रत्येक पन्ना प्रमुख 15 दिन में एक बार मतदाताओ से मिले अगर कोई शहर से बाहर हो तो भी उनसे संपर्क करें।
सोशल मीडिया को बनाएं पार्टी का हथियार
आईटी और सोशल मीडिया विभाग की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने कहा कि सोशल मीडिया को पार्टी का हथियार बनाएं और विपक्ष के दावों की पोल खोलें। हमें क्वालिटी डेटा का संकलन करने को प्राथमिकता देने की जरूरत है। काशी क्षेत्र के प्रभारी और सांसद सुब्रत पाठक स्वागत किया।