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काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में अब नहीं दिखेंगे खाकी वर्दीधारी, नई व्यवस्था देख होगा आश्चर्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह की सुरक्षा व्यवस्था की कमान अब धोती-कुर्ताधारी पुलिसकर्मी संभालेंगे। मंदिर के गर्भगृह में तैनात पुलिसकर्मी सोमवार से वर्दी की जगह धोती और कुर्ते में ड्यूटी करते हुए नजर आए।
दर्शन-पूजन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने जब धोती-कुर्ता पहने कांस्टेबल और सलवार-समीज पहने महिला आरक्षियों को व्यवस्था बनाते देखा तो उन्हें आश्चर्य हुआ। हालांकि, माजरा समझ में आने पर सभी ने खुशी जताई।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में शुद्धता बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों का ड्रेस कोड सोमवार से बदल दिया गया है। सोमवार को मंगला आरती के बाद से पुरुषों के लिए सफेद धोती, पीला कुर्ता और महिलाओं को सफेद सलवार व आसमानी समीज में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
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सुबह दर्शन करने लोग जब मंदिर पहुुंचे तो उन्हें गर्भगृह में कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। पुलिस की जगह धोती-कुर्ते में तैनात लोग भीड़ को नियंत्रित करते हुए नजर आए।
इससे लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि अब गर्भगृह से पुलिसकर्मियों को हटा लिया गया है। बाद में लोगों को जब पता चला कि गर्भ गृह में धोती-कुर्ते और दुपट्टे में मौजूद लोग पंडा नहीं बल्कि पुलिसकर्मी हैं और आज से उनका ड्रेस कोड बदल दिया गया है। इस पर लोगों ने भी आश्चर्य व्यक्त किया।
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दर्शन-पूजन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने जब धोती-कुर्ता पहने कांस्टेबल और सलवार-समीज पहने महिला आरक्षियों को व्यवस्था बनाते देखा तो उन्हें आश्चर्य हुआ। हालांकि, माजरा समझ में आने पर सभी ने खुशी जताई।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में शुद्धता बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों का ड्रेस कोड सोमवार से बदल दिया गया है। सोमवार को मंगला आरती के बाद से पुरुषों के लिए सफेद धोती, पीला कुर्ता और महिलाओं को सफेद सलवार व आसमानी समीज में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
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सुबह दर्शन करने लोग जब मंदिर पहुुंचे तो उन्हें गर्भगृह में कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। पुलिस की जगह धोती-कुर्ते में तैनात लोग भीड़ को नियंत्रित करते हुए नजर आए।
इससे लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि अब गर्भगृह से पुलिसकर्मियों को हटा लिया गया है। बाद में लोगों को जब पता चला कि गर्भ गृह में धोती-कुर्ते और दुपट्टे में मौजूद लोग पंडा नहीं बल्कि पुलिसकर्मी हैं और आज से उनका ड्रेस कोड बदल दिया गया है। इस पर लोगों ने भी आश्चर्य व्यक्त किया।
संभालते रहे धोती और दुपट्टा
वाराणसी एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं के फीडबैक के आधार पर गर्भगृह में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों के ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। शहर के प्रबुद्धजन यदि इस संबंध में कोई सुझाव देना चाहें तो उनका स्वागत है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के लिए ड्रेस कोड में बदलाव बेहद सराहनीय पहल है। इसको आने वाले दर्शनार्थियों ने भी बेहद सराहा है।
सोमवार से अचानक हुए ड्रेस कोड परिवर्तन से सुरक्षाकर्मियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। धोती संभालने के कारण भीड़ का दबाव ज्यादा बढ़ गया और श्रद्धालुओं की कतार काफी दूर तक चली गई। देर शाम तक लाइन बांसफाटक व छत्ताद्वार तक लगी रही। श्रद्धालु भी दर्शन के बाद देरी से निकल रहे थे।
ड्रेस कोड के साथ ही इसको लेकर सिपाहियों में चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। सिपाहियों का कहना है कि परिधान कम होने के कारण जो कपड़े पहले पाली के लोग पहने हैं उसे ही हम लोगों को भी पहनना होगा।
ड्यूटी के दौरान वह कपड़े अशुद्ध हो गए होंगे तो उसे दूसरा कैसे पहनेगा। विवशता में इसे धारण करना पड़ेगा। इस पर भी अधिकारियों को ध्यान देना होगा।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के लिए ड्रेस कोड में बदलाव बेहद सराहनीय पहल है। इसको आने वाले दर्शनार्थियों ने भी बेहद सराहा है।
सोमवार से अचानक हुए ड्रेस कोड परिवर्तन से सुरक्षाकर्मियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। धोती संभालने के कारण भीड़ का दबाव ज्यादा बढ़ गया और श्रद्धालुओं की कतार काफी दूर तक चली गई। देर शाम तक लाइन बांसफाटक व छत्ताद्वार तक लगी रही। श्रद्धालु भी दर्शन के बाद देरी से निकल रहे थे।
ड्रेस कोड के साथ ही इसको लेकर सिपाहियों में चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। सिपाहियों का कहना है कि परिधान कम होने के कारण जो कपड़े पहले पाली के लोग पहने हैं उसे ही हम लोगों को भी पहनना होगा।
ड्यूटी के दौरान वह कपड़े अशुद्ध हो गए होंगे तो उसे दूसरा कैसे पहनेगा। विवशता में इसे धारण करना पड़ेगा। इस पर भी अधिकारियों को ध्यान देना होगा।