काशी विश्वनाथ मंदिर से पुलिस और पीएसी होगी बाहर, सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे पूर्व सैनिक
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काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद की जा रही है। मंदिर में तैनात यूपी पुलिस और पीएसी के जवानों को हटाकर पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा, जबकि सीआरपीएफ अपने स्थान पर तैनात रहेगी। गृह मंत्रालय से इसकी अनुमति मिल गई है और मंदिर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 से अधिक प्वाइंट बनाए गए हैं। इसे रेड जोन और यलो जोन में बांटा गया है। यहां पीएसी, पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, एलआईयू, बम निरोधक दस्ता सहित कई अन्य सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां काम कर रही हैं।
सामान्य दिनों में इनकी संख्या ढाई हजार से अधिक है। इनमें से जो पुलिस और पीएसी के जवान मंदिर परिसर में तैनात हैं, उन्हें हटाया जाएगा। इनकी जगह पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद हो जाएगी।
साथ ही दर्शन व्यवस्था भी सुव्यवस्थित होगी। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने पूर्व सैनिकों की तैनाती को हरी झंडी दे दी है।
मंदिर प्रशासन ने ही बनाई थी योजना
मंदिर प्रशासन ने पुलिस और पीएसी की जगह पूर्व सैनिकों को तैनात करने की योजना बनाई थी, लेकिन ज्ञानवापी मस्जिद और विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा गृह मंत्रालय के निर्देश पर होती है। ऐसे में मंदिर प्रशासन अपने स्तर से कोई परिवर्तन नहीं कर सकता है।
इसीलिए मंदिर प्रशासन ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर पूर्व सैनिकों को तैनात करने की अनुमति की मांगी थी। जांच के बाद गृह मंत्रालय ने इसकी अनुमति दे दी।