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काशी विश्वनाथ मंदिर: सावन के पहले सोमवार के जलाभिषेक पर विवाद, अखिलेश यादव ने रद्द किया कार्यक्रम

Tue, 20 Jul 2021 01:20 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 20 Jul 2021 01:20 AM IST
सार

सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सावन महीने के पहले सोमवार को जलाभिषेक यात्रा में सामिल होने के लिए वाराणसी आने वाले थे। 

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Kashi Vishwanath Temple: Controversy over Jalabhishek on the first Monday of Sawan, Akhilesh Yadav canceled the program
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सावन के पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक पर दोबारा विवाद शुरू हो गया है। गोप सेवा समिति ने प्रशासन ने किसी भी नई परंपरा को बंद करने का अनुरोध किया है। इधर, इस विवाद के बाद सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सावन के पहले सोमवार पर काशी आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।

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दरअसल, सपा अध्यक्ष के जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने की खबरों के बाद गोप सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में उनसे भेंट की। उन्हें बताया गया कि उन्हें पारिवारिक जलाभिषेक के आयोजन में आमंत्रित किया गया है न कि यदुवंशी समाज की ओर से होने वाले आयोजन में।
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इस जानकारी के बाद अखिलेश यादव ने 26 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। बता दें कि सावन 25 जुलाई दिन रविवार से शुरू हो रहा है। श्रावण मास रविवार से शुरू होकर रविवार को ही समाप्त हो रहा है। सावन 25 जुलाई से आरंभ होकर 22 अगस्त तक रहेगा।

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पहले सोमवार के जलाभिषेक पर क्यों विवाद

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के प्रथम सोमवार को यादव बंधुओं द्वारा जलाभिषेक की परंपरा है। गोप सेवा समिति वर्ष 1932 से परंपरा का निर्वहन करती आ रही है। नौ शिवालयों में जलाभिषेक निरंतर किया जा रहा है। पिछले साल एक दूसरे गुट को भी जलाभिषेक की अनुमति मिली थी, इसको लेकर ही इस बार विवाद शुरू हुआ है। गोप सेवा समिति का तर्क है कि जब किसी भी नई शुरुआत की इजाजत शासन की ओर से नहीं है तो गत वर्ष क्यों दूसरे गुट को जलाभिषेक के लिए अलग से अनुमति दी गई। 

पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन अपने रिकॉर्ड खंगाले और उसके अनुसार ही गोप सेवा समिति को जलाभिषेक की अनुमति दी जाए। समिति के लोग ही यदुवंशी समाज का ध्वज लेकर जलाभिषेक यात्रा में शामिल होते हैं।

दूसरा गुट पारिवारिक परंपरा को सार्वजनिक बनाने का प्रयास कर रहा है। वहीं दूसरे पक्ष ने इस वर्ष भी जलाभिषेक की इजाजत के लिए आवेदन दे रखा है। चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के अध्यक्ष लालजी यादव ने बताया कि जलाभिषेक की परंपरा को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। 22 जुलाई को पुलिस प्रशासन के साथ बैठक में जलाभिषेक पर निर्णय लिया जाएगा।

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