काशी विश्वनाथ मंदिर: स्पर्श दर्शन के नाम पर दलाली के विरोध पर मारपीट, आंख में गंभीर चोट लगी; पांच पर केस
विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के नाम पर कथित दलाली का विरोध करने पर बड़ी पियरी निवासी युवक से मारपीट का आरोप लगा है। पीड़ित ने पांच लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। मारपीट में उसकी आंख में चोट आई। चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के नाम पर कथित दलाली का विरोध करने पर दीपक सिंह के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर मनबढ़ों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट में उसकी एक आंख में गंभीर चोट आई है। मामले में सोमवार को चौक थाने में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
बड़ी पियरी निवासी दीपक सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि कुछ लोग कथित तौर पर अवैध रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर दलाली में लिप्त हैं। दीपक के अनुसार, उसने इसका विरोध किया तो आरोपी उससे नाराज हो गए और उसे धमकी देने लगे। पीड़ित का आरोप है कि कुछ दिनों पहले भी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इस दौरान उसकी एक आंख में चोट लग गई।
दीपक ने पुलिस को बताया कि आरोपियों की ओर से उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर चौक थाने में सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
चौक थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला के अनुसार, मामले में कमल तिवारी, गुलाब शर्मा, अजय शर्मा उर्फ छोटू, तुषार शर्मा और उदय शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन सभी पर मारपीट करने और धमकी देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, कमल तिवारी को व्यापार मंडल का सदस्य बताया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक पुष्कर दुबे को सौंपी है। जांच अधिकारी घटना से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर में स्पर्श दर्शन के नाम पर कथित दलाली के आरोप और उसके विरोध में मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच पर नजर बनी हुई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।