Kashi Vishwanath: विश्वनाथ धाम की तरह चमकेगा मार्कंडेय महादेव मंदिर, पूरी दुनिया देखेगी भव्य छटा
मार्कंडेय महादेव मंदिर के आसपास के इलाके को विकसित करने के साथ ही पूरे परिसर को आकर्षक लाइट से सजाया जाएगा। अलग अलग लाइटों के जरिये धाम परिसर को आकर्षक बनाया जाएगा। इसमें रिंग रोड से संपर्क मार्ग को भी दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम की तरह ही गंगा-गोमती तट के मार्कंडेय महादेव की भव्य छटा भी दुनिया देखेगी। पूरे परिसर को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। इसमें संगम तट से पाथवे से लेकर मंदिर परिसर में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां भी गंगा-गोमती संगम से श्रद्धालु कैथी घाट तक पहुंच सकेंगे।
यह भी पढ़ें- नए संसद भवन में काशी के GI उत्पादों की धूम: हस्तशिल्पियों ने तैयार किया थ्रीडी मॉडल, अंगवस्त्र पर उकेरी आकृति
परियोजना को कई चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर परिसर को पूर्ण रूप से विकसित करने की योजना को धरातल पर उतारने का प्रयास शुरू हो गया है। पर्यटन विभाग ने पहले चरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेज दी है। इसमें पूरे मंदिर परिसर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसमें संगम घाट और मंदिर परिसर में शौचालय, यात्री विश्राम स्थल, चेजिंग रूम सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां बता दें कि कैथी महादेव मंदिर में पिछले वर्ष पीतल और तांबे के मिश्रित धातु से छत्र को स्वर्णिम आभा में तब्दील किया गया था। इसके साथ ही संगम घाट पर भी श्रद्धालुओं के लिए छांव आदि की व्यवस्था की गई थी।
आकर्षक लाइट से फैलेगी रोशनी
मार्कंडेय महादेव मंदिर के आसपास के इलाके को विकसित करने के साथ ही पूरे परिसर को आकर्षक लाइट से सजाया जाएगा। अलग अलग लाइटों के जरिये धाम परिसर को आकर्षक बनाया जाएगा। इसमें रिंग रोड से संपर्क मार्ग को भी दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2023-24 में शामिल कराने का प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन विभाग ने मुख्यालय भेज दिया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्कंडेय महादेव धाम में विकास कार्य कराए जाएंगे। मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था को भी बेहतर किया जाएगा। विस्तृत कार्ययोजना के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया गया है। - आरके रावत, उप निदेशक पर्यटन