काशी विश्वनाथ धाम: दूसरे चरण का काम शुरू, दो माह बाद श्रद्धालु कर सकेंगे गंगा द्वार से बाबा के दर्शन
काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश के लिए चार मुख्य द्वार बनाए गए हैं लेकिन अभी दो दरवाजों ज्ञानवापी और ढुंढिराज से ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। सरस्वती फाटक और नीलकंठ द्वार पर रोक लगी है।
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श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को अभी गंगा द्वार से बाबा का दर्शन करने के लिए दो महीने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके लिए दूसरे चरण में गंगा की ओर से गेट (गेट वे ऑफ कॉरिडोर) बनाने का काम शुरू हो गया है। काम पूरा होने के बाद ही श्रद्धालु गंगा स्नान कर सीधे गर्भगृह में आकर बाबा का अभिषेक कर सकेंगे।
पहले चरण का काम पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका 13 दिसंबर को उद्घाटन कर दिया है। इसके बाद से ही धाम में बाबा दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस बीच दूसरे चरण का काम शुरू हो गया है। वैसे तो चार गेट से धाम में प्रवेश की बात कही गई थी लेकिन अभी गंगा की तरफ से गेट नहीं बन सका है।
पहले चरण में भी कुछ काम शेष
ऐसे में दो दरवाजों ज्ञानवापी और ढुंढिराज से ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। सरस्वती फाटक और नीलकंठ द्वार पर रोक लगी है। धाम के दूसरे चरण का काम भी शुरू हो गया है। इसके लिए दो माह का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अभी पहले चरण के कार्यों में नीलकंठ गेट और सुरक्षा भवन में भी कुछ काम शेष है। दूसरे चरण के काम में गंगा गेट, रैंप भवन, कैफे भवन, गंगा दर्शन गैलरी, ब्लाक फोर यानी दुकानें, चहारदीवारी आदि शामिल किए गए हैं। इनके लिए दो माह पहले ही 55 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।
धाम की दिव्यता और भव्यता लोगों को आकर्षित कर रही
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की दिव्यता व भव्यता लोगों को आकर्षित कर रही है, किंतु धाम के भवनों का संचालन शुरू नहीं होने से श्रद्धालु केवल बाबा का दर्शन करके ही लौट रहे हैं। धाम में बने इंपोरियम, वाराणसी गैलरी, सिटी म्यूजियम, मुमुक्षु भवन व आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र के संचालन के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट विकास क्षेत्र परिषद की ओर से कंपनी के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
पीएम के आगमन पर गीता प्रेस की ओर से केंद्र संचालन के लिए प्रस्तुतिकरण किया जा चुका है। सिटी म्यूजियम के लिए भी नई दिल्ली की कंपनी वर्चुअली थ्रीडी से श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन करा चुकी है।
दर्शन पूजन के साथ ही होंगे सांस्कृतिक आयोजन