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काशी विश्वनाथ धाम: गंगा द्वार से बाबा के मंदिर तक लगाए जाएंगे पौधे, अगले साल भक्तों को मिलेगी छांव
Thu, 04 Apr 2024 08:42 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 04 Apr 2024 08:42 PM IST
सार
काशी विश्वनाथ धाम में अगले साल भक्तों को कड़ी धूप से परेशान नहीं होना पड़ेगा। विश्वनाथ धाम में रुद्र और बिल्व वन होगा। यहां 350 स्थानों पर पौधे रोपे जाएंगे। गंगा द्वार से बाबा के मंदिर तक पौधे लगाए जाएंगे।
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kashi vishwanath dham
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्री काशी विश्वनाथ धाम में आनंद-कानन का स्वरूप जल्द ही आकार लेगा। धाम क्षेत्र में भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष और बिल्व (बेलपत्र) के पौधे लगाने की तैयारियां चल रही हैं। धाम में लगने वाले रुद्र और बिल्व वन धाम क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के साथ ही आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्यता का अहसास भी कराएंगे। इससे श्रद्धालुओं को गर्मी में राहत भी मिलेगी।
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बाबा विश्वनाथ के धाम में अगले साल आने वाले श्रद्धालुओं को हरियाली का नजारा भी देखने को मिलेगा। श्रद्धालु बिल्व वन और रुद्र वन की छांव से होते हुए बाबा विश्वनाथ के मंदिर पहुंचेंगे। रुद्राक्ष और शिव का संबंध अटूट है। जहां शिव के नेत्र से आंसू गिरे, वो रुद्राक्ष है। इसे रुद्र (शिव) का अक्ष (नेत्र) भी कहा गया है।
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बिल्व का पेड़ बाबा के आंगन को सुशोभित करेगा। बेलपत्र का महादेव से संबंध गहरा है। उन्हें जो बेलपत्र चढ़ाया जाता है वह भगवान के तीन नेत्रों का प्रतीक है। बारिश में पौधों को लगाने की शुरुआत की जाएगी। मंदिर से लेकर गंगा द्वार तक लगभग 350 स्थानों पर पौधे रोपे जाएंगे।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि मंदिर प्रशासन की ओर से धाम में पौधों को लगाने पर विचार किया जा रहा है। धाम क्षेत्र में भगवान शिव से जुड़े बेल और रुद्राक्ष के पौधों को लगाने की योजना है।