दिव्य काशी-भव्य काशी: डमरू के निनाद से गूंज उठी शिव नगरी, प्रभात फेरी एवं संकीर्तन उत्सव की शुरुआत
दिव्य काशी-भव्य काशी के तहत बुधवार को डमरू दल ने बाबा विश्वनाथ धाम क्षेत्र में प्रभात फेरी निकाली। संकीर्तन प्रभात फेरी के दौरान डमरूओं से वातावरण गुंजायमान हो गया।
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काशी पुराधिपति की नगरी काशी डमरू की निनाद से गूंज उठी। दिव्य काशी भव्य काशी के तहत बुधवार को प्रभात फेरी एवं संकीर्तन उत्सव की शुरुआत हुई। डमरू दल ने गोदौलिया चौराहा स्थित नंदी महाराज की परिक्रमा करने के बाद प्रभात फेरी एवं संकीर्तन किया।
धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों से 12, 13 और 14 दिसंबर को दीपोत्सव की तरह मनाने की अपील की। दिव्य काशी, भव्य काशी के तहत प्रभातफेरी का समापन ज्ञानवापी स्थित बाबा विश्वनाथ धाम के उत्तरी द्वार पर हुआ।
संकीर्तन प्रभात फेरी के दौरान डमरू वादन वातावरण को गुंजायमान कर रहा था। इस दौरान महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, डॉ. राजेश त्रिवेदी, महापौर मृदुला जायसवाल, अश्विनी पांडेय, किशोर कुमार सेठ, अनूप जायसवाल, जगदीश त्रिपाठी, अशोक यादव मीना यादव आदि मौजूद रहे।
रामजानकी मठ से निकली श्रीराम बरात शोभायात्रा
अस्सी स्थित रामजानकी मठ ट्रस्ट की ओर से त्रिदिवसीय सीताराम विवाह महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को श्रीराम बरात शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में गाजे-बाजे के साथ घोड़े बग्गी व रथ पर फूलों से सुसज्जित पालकी में भगवान राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न के स्वरूप में विराजमान थे।
श्रीराम बारात का लोगों ने जगह जगह स्वागत किया। शोभयात्रा यात्रा मठ से प्रारंभ होकर अस्सी, लंका, संकटमोचन, मानस मंदिर, दुर्गाकुंड, रविंद्रपूरी होते हुए पुन: मठ पहुंची यहां श्री राम बारात का स्वागत समाजसेवी हेमल शाह विजय गुप्ता व ललिता विश्वनाथ सरावगी ने किया।
द्वारचार के बाद मठ में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव प्रारंभ हुआ। जयमाल के पश्चात मां जानकी के माता-पिता वधू पक्ष के रूप में पूजा आदर्श सरावगी ने कन्यादान किया। बारात में आए भक्तों को मठ में प्रसाद भोजन कराया गया।