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काशी विश्वनाथ धाम: अक्षय वट हनुमान का विग्रह हटाए जाने खिलाफ महंत परिवार धरने पर, आत्मदाह की चेतावनी

Wed, 20 Oct 2021 03:57 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 20 Oct 2021 03:57 PM IST
सार

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अंतर्गत अक्षय वट हनुमान मंदिर से हनुमान जी का विग्रह हटा दिए जाने के बाद नाराज महंत परिवार ने धरना शुरू कर दिया है।

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Kashi Vishwanath corridor Mahant family sit on strike against removal of statue of Akshay Vat Hanuman warning of self immolation
काशी विश्वनाथ धाम लेने लगा आकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी विश्वनाथ धाम अंतर्गत अक्षय वट हनुमान मंदिर से हनुमान जी का विग्रह हटाए जाने से महंत परिवार में आक्रोश है। महंत परिवार इसको लेकर धरने पर बैठ गया है। चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के अंदर विग्रह अपने स्थान पर नहीं रखा गया तो परिवार के सदस्य आत्मदाह करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की होगी। 

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हनुमान जी का विग्रह हटाए जाने की जानकारी महंत परिवार को बुधवार सुबह उस वक्त हुई जब परिवार के सदस्य नित्य की भांति पूजन करने पहुंचे। विश्वनाथ मंदिर प्रशासन और महंत परिवार के बीच इस बात पर लिखित समझौता हुआ था। महंत परिवार कॉरिडोर के अंतर्गत अपना मंदिर देने के लिए इसी शर्त पर राजी हुए थे कि विग्रह को मूल स्थान से नहीं हटाया जाएगा।
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प्रशासन ने भी आश्वस्त किया था कि विग्रह को मूल स्थान पर रखा जाएगा। मंदिर परिसर में महंत कमल मिश्रा, राजू पाठक, नील कुमार मिश्रा, रमेश गिरी सहित परिवार के सभी सदस्य धरने पर बैठे हैं। महंत ने बताया कि विश्वनाथ धाम कॉरिडोर स्थित अक्षयवट हनुमान मंदिर के हिस्से को क्षतिग्रस्त करते हुए मंगलवार की रात विग्रह को हटा दिया गया।

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मंदिर प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप

पीएसपी कंपनी और मंदिर प्रशासन मनमानी और लापरवाही कर रहा है। मंदिर प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने जिस बात को लेकर सुंदरीकरण के लिए लिखित अग्रीमेंट किया था उससे मुकर गए है। उन्होंने सभी विग्रहों को यथास्थान करने का लिखित आश्वासन दिया था पर अब बात मानने को अधिकारी तैयार नहीं है।

महंत परिवार ने मांग करते कहा कि अगर हनुमान जी का विग्रह यथास्थान विराजमान नहीं किया गया तो  महंत परिवार आत्महत्या करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कार्यरत पीएसपी कंपनी के जीएम और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की होगी।  इससे पूर्व भी पीएसपी कंपनी और मंदिर प्रशासन ने मनमानी करते हुए अक्षयवट वृक्ष को ढहा दिया था, मंदिरों के छत हटाने के दौरान कल्कि भगवान, ललिता गौरी सहित कई शिवलिंग भी खंडित हो गए थे।

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