काशी विद्यापीठ दीक्षांत समारोह: 50 छात्राओं को गोल्ड मेडल, राज्यपाल बोलीं- लड़कियां पढ़ने लगीं, लड़के पिछड़ गए
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 44वें दीक्षांत समारोह में 65 मेधावियों को 76 स्वर्ण पदक मिले। आधी आबादी ने फिर एक बाद सर्वाधिक पदकों पर कब्जा जमाया। 65 मेधावियों में 50 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्राप्त हुए।
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काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलने पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि लड़कियों ने इस बार भी बाजी मार ली है। यहां ही नहीं हर विश्वविद्यालय में आधी आबादी का ही दबदबा है। लड़कियां पढ़ने लगी हैं और लड़के पिछड़ गए। ये चिंताजनक है। कुलाधिपति ने उन छात्रों को खास तौर से बधाई दी जिन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। कहा कि 15 छात्र जिन्होंने पदक हासिल किए हैं, उनको मेरी ज्यादा बधाई है।
उन्होंने छात्रों से कहा, अरे भाई लड़कियों का मुकाबला करो। आपको पढ़ाई में बाधा कहां आ रही है। हम लोगों का जमाना अलग था। सुविधाएं नहीं थीं और यातायात के साधन नहीं थे। आज आपके पास सारी सुविधाएं हैं। इसके बावजूद अच्छा रिजल्ट नहीं आ रहा है तो आपको इस पर विचार करने की जरूरत है। क्योंकि, अगर यही हाल रहा तो आने वाले 10 साल में तस्वीर बदल जाएगी।
ज्ञान को नौकरी पाने का साधन न बनाएं
स्नातकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल कहा कि विद्यार्थी विद्यापीठ से प्राप्त ज्ञान का सदुपयोग राष्ट्र निर्माण को प्रभावशाली बनाने में करें। ज्ञान को नौकरी पाने का साधन न बनाकर, लोकहित और जनहित के लिए ज्ञान का उपयोग करें। विश्वविद्यालयों को भी सामाजिक सरोकारों से जुड़ना होगा तभी विश्वविद्यालयों की सार्थकता सिद्ध होगी। सभी विश्वविद्यालयों को समाज हित में कुछ न कुछ करने का संकल्प लेना होगा। बताया कि जल्द ही प्राइवेट विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
मां को मत भूलना, हमेशा रखना ख्याल
कुलाधिपति ने मेधावियों से अपील करते हुए कहा कि आप किसी भी पद पर पहुंच जाएं लेकिन मां को कभी मत भूलें। मां आपके लिए बहुत करती है लेकिन कोई अपेक्षा नहीं रखती। कभी आपसे शिकायत नहीं करती। कभी कुछ नहीं कहती, इसका अर्थ यह नहीं है कि हम उनका ध्यान ना दें। हम ऐसा कोई कृत्य नहीं करेंगे जिससे मां को दर्द हो।
राज्यपाल ने विद्यापीठ में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नवीन पाठ्यक्रम लागू करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों की दक्षता को बढ़ाने और विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसरों को बढ़ाने के लिए विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण एमओयू करने के लिए प्रशंसा की। कुलपति प्रो. एके त्यागी ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
44वें दीक्षांत समारोह में 65 मेधावियों को कुलाधिपति ने दिए 76 मेडल
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 44वें दीक्षांत समारोह में 65 मेधावियों को 76 स्वर्ण पदक मिले। कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को स्वर्ण पदक और उपाधि प्रदान की। आधी आबादी ने फिर एक बाद सर्वाधिक पदकों पर कब्जा जमाया। 65 मेधावियों में 50 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। स्नातक में बीकॉम की आंचल राय और स्नातकोत्तर में एमबीए की छात्रा निष्ठा द्विवेदी ने सर्वोच्च अंक हासिल कर विश्वविद्यालय में टॉप किया। उन्हें दो-दो स्वर्ण पदक मिले।
शनिवार को काशी विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह शिष्टमंडल की यात्रा के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रगान के बाद जल संरक्षण का संदेश देते हुए जल भरो के साथ दीक्षांत समारोह की शुरुआत की घोषणा कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने की। कुलपति ने कलश में जल भरा। इसके बाद कुलपति प्रो. एके त्यागी, मुख्य अतिथि प्रो. टंकेश्वर कुमार, विशिष्ट अतिथि प्रो. अखिलेश सिंह और कुलसचिव हरीशचंद ने एक-एक करके कलश में जल भरा। इसके बाद मेडल देने का सिलसिला शुरू हुआ।
स्नातक के मेधावी
आंचल राय (दो मेडल), रूपा मौर्या, जागृति मिश्रा, अंजली विश्वकर्मा, दृष्टि दीक्षित व सुमन कुमारी, दिव्यांशी पांडेय, राहुल सिंह, दीक्षा शर्मा, जाह्नवी खन्ना (दो मेडल), अर्पिता कुमारी, अभिषेक आनंद, तृप्ति सिंह, श्रेया जायसवाल, मो. अफजल, रश्मि शर्मा, अर्चना कुमारी।
स्नातकोत्तर के मेधावी
निष्ठा द्विवेदी (तीन मेडल), सुनीता कुशवाहा (दो मेडल), नूर सबा, सिंटू सोनी, सौमी मंडल, रवि गौर, साकांक्षा प्रिया, खुशी श्रीवास्तव, राकेश विश्वकर्मा, शशि मौर्या व रचना, शैलेश कुमार मिश्रा, युसरा नदीम, जुल्फा तबस्सुम व आकृति, सुष्मिता सिंह, चंद्रशेखर सिंह, जया पटेल, नेहा गोयल, स्निग्धा परिहार, छाया देवी, शिवानी गुप्ता, सावन कुमार, शुभम जैन, रिशु कुमार गुप्ता (दो मेडल), सुधांशु शेखर मिश्रा, प्रज्ञा (दो मेडल), पूर्णिमा राय, नीरज कुमार, शबीना खातून (दो मेडल), आकांक्षा सिंह (दो मेडल), पुष्पलता मिश्रा, प्रतिमा सिंह, इंद्रजीत विश्वकर्मा, प्राची पाठक, प्रगति द्विवेदी, शिवांगी मिश्रा, भाव्या पांडेय, जमुना यादव, प्रज्ञा दुबे, श्रृंखला दुबे, काजल मिश्र (दो मेडल), पूनम भारती, तहनीयत अंसारी, प्रिया सिंह, प्रियंका सेठ।
दो उत्कृष्ट खिलाड़ी
किक बॉक्सिंग में मुस्कान बिजलानी और तीरंदाजी में सौरभ मौर्या।