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छात्रसंघ चुनावः काशी विद्यापीठ की इस नजीर से रूबरू होंगे प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:53 AM IST
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने पिछले साल छात्रसंघ चुनाव में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाकर पूरे प्रदेश भर में एक नजीर पेश की थी। इसे प्रदेश भर में सराहा गया।
चूंकि पिछले साल ये प्रयोग सफल साबित हुआ तो इस बार काशी विद्यापीठ के कुलपति ने प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में तीन नवंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव में वहां के पर्यवेक्षकों को आमंत्रित किया है कि वे आएं और प्रक्रिया को जानें और समझें।
इसके अलावा उन्होंने संबद्ध महाविद्यालयों को भी पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को अपने यहां लागू करने की बात कही है। काशी विद्यापीठ ने छात्रसंघ चुनाव में पारदर्शिता लाने और समय की बचत के उद्देश्य से पिछले साल छात्रसंघ चुनाव में ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई।
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यह प्रयोग करने वाला काशी विद्यापीठ पहला विश्वविद्यालय रहा। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत छात्रसंघ चुनाव में नामांकन से लेकर वोटिंग के लिए ओएमआर शीट और ओएमआर शीट की स्कैनिंग कर वोटों की गिनती हुई। इससे न सिर्फ समय की बचत हुई बल्कि पारदर्शिता भी रही।
विभिन्न छात्र संगठनों के बीच रिकाउंटिंग का भी विवाद खत्म हुआ। इसे राजभवन से सराहना भी मिली। चुनाव अधिकारी प्रो. राम प्रकाश द्विवेदी के अनुसार कुलपति के निर्देश के बाद सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर दिया गया है।
चुनाव में उनके यहां से पर्यवेक्षकों को आमंत्रित किया गया है ताकि वे यहां कि प्रक्रिया से अवगत हो सकें। ओएमआर शीट पर वोटिंग करने के लिए कैंपस में मतदाताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है।
प्रशासनिक भवन के बाहर एक डमी मतदान पेटी रखी गई है। ओएमआर के सैंपल पेपर पर छात्र-छात्राओं को मतदान करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। सोमवार को चीफ प्राक्टर प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय ने मतदाताओं को वोटिंग की प्रक्रिया समझाई। बताया कि पोलिंग बूथ पर मोबाइल और पेन प्रतिबंधित रहेगा। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं को पेन दी जाएगी।
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चूंकि पिछले साल ये प्रयोग सफल साबित हुआ तो इस बार काशी विद्यापीठ के कुलपति ने प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में तीन नवंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव में वहां के पर्यवेक्षकों को आमंत्रित किया है कि वे आएं और प्रक्रिया को जानें और समझें।
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इसके अलावा उन्होंने संबद्ध महाविद्यालयों को भी पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को अपने यहां लागू करने की बात कही है। काशी विद्यापीठ ने छात्रसंघ चुनाव में पारदर्शिता लाने और समय की बचत के उद्देश्य से पिछले साल छात्रसंघ चुनाव में ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई।
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यह प्रयोग करने वाला काशी विद्यापीठ पहला विश्वविद्यालय रहा। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत छात्रसंघ चुनाव में नामांकन से लेकर वोटिंग के लिए ओएमआर शीट और ओएमआर शीट की स्कैनिंग कर वोटों की गिनती हुई। इससे न सिर्फ समय की बचत हुई बल्कि पारदर्शिता भी रही।
विभिन्न छात्र संगठनों के बीच रिकाउंटिंग का भी विवाद खत्म हुआ। इसे राजभवन से सराहना भी मिली। चुनाव अधिकारी प्रो. राम प्रकाश द्विवेदी के अनुसार कुलपति के निर्देश के बाद सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर दिया गया है।
चुनाव में उनके यहां से पर्यवेक्षकों को आमंत्रित किया गया है ताकि वे यहां कि प्रक्रिया से अवगत हो सकें। ओएमआर शीट पर वोटिंग करने के लिए कैंपस में मतदाताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है।
प्रशासनिक भवन के बाहर एक डमी मतदान पेटी रखी गई है। ओएमआर के सैंपल पेपर पर छात्र-छात्राओं को मतदान करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। सोमवार को चीफ प्राक्टर प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय ने मतदाताओं को वोटिंग की प्रक्रिया समझाई। बताया कि पोलिंग बूथ पर मोबाइल और पेन प्रतिबंधित रहेगा। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं को पेन दी जाएगी।