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Varanasi News: इनोवेशन, स्टार्टअप और आदिवासी विकास के लिए काशी विद्यापीठ ने किया समझौता
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- बिहार के बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के साथ हुआ एमओयू, अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। स्टार्टअप, इनोवेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने बिहार के बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया है। दोनों विश्वविद्यालय आपस में संयुक्त रिसर्च कराएंगे। संसाधनों को साझा करने के साथ ही आदिवासियों के विकास और पर्यावरण से जुड़े कामों को बढ़ावा दिया जाएगा। यूजी, पीजी और पीएचडी कोर्स भी शुरू होंगे। मुजफ्फरपुर स्थित बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय से आए कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय और विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने रविवार को अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किया। ये समझौता पूरे पांच साल तक चलेगा।
रिसर्च और तकनीक भी किए जाएंगे साझा
प्रोफेसरों और छात्रों के बीच संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। सेमिनार, काॅन्फ्रेंस, कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप कराने के साथ ही दोनों विश्वविद्यालय अपने-अपने रिसर्च और तकनीक भी एक-दूसरे से साझा करेंगे। शिक्षकों और विद्यार्थियों का एक्सचेंज कार्यक्रम और संयुक्त फैकल्टी डेवलपमेंट भी होगा। दोनों कुलपति ने कहा कि इससे यूपी और बिहार के छात्र-छात्राओं को काफी फायदा पहुंचने वाला है। छोटे और कुटीर उद्योग को लेकर भी दोनों संस्थान अपने अनुभव साझा करेंगे।
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। स्टार्टअप, इनोवेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने बिहार के बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया है। दोनों विश्वविद्यालय आपस में संयुक्त रिसर्च कराएंगे। संसाधनों को साझा करने के साथ ही आदिवासियों के विकास और पर्यावरण से जुड़े कामों को बढ़ावा दिया जाएगा। यूजी, पीजी और पीएचडी कोर्स भी शुरू होंगे। मुजफ्फरपुर स्थित बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय से आए कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय और विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने रविवार को अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किया। ये समझौता पूरे पांच साल तक चलेगा।
रिसर्च और तकनीक भी किए जाएंगे साझा
प्रोफेसरों और छात्रों के बीच संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। सेमिनार, काॅन्फ्रेंस, कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप कराने के साथ ही दोनों विश्वविद्यालय अपने-अपने रिसर्च और तकनीक भी एक-दूसरे से साझा करेंगे। शिक्षकों और विद्यार्थियों का एक्सचेंज कार्यक्रम और संयुक्त फैकल्टी डेवलपमेंट भी होगा। दोनों कुलपति ने कहा कि इससे यूपी और बिहार के छात्र-छात्राओं को काफी फायदा पहुंचने वाला है। छोटे और कुटीर उद्योग को लेकर भी दोनों संस्थान अपने अनुभव साझा करेंगे।
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