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Varanasi News: 12 सेकंड तक कांपती रही काशी, घर से बाहर भूकंप के अपने अनुभव बयां
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देर रात करीब 11.35 बजे काशी में करीब 10 से 12 सेकंड तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों से बाहर आ गए। बहुमंजिला इमारतों के बाहर भी अफरातफरी का माहौल रहा। इसके बाद लोगों ने फोन पर अपने परिचितों का भी हाल जाना। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 दर्ज की गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल होने के कारण बिहार और पूर्वांचल में इसका असर ज्यादा रहा।
अस्सी निवासी दिनेश मिश्र ने बताया कि वे खाना खाकर बैठे थे तभी ऊपर पंखा हिलने लगा और झूमर हिलने की आवाज आई तो चिल्लाते हुए घर से निकले और हम सब सड़क पर आ गए। गोदौलिया के अनूप जायसवाल ने बताया कि कुछ देर तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। जब समझ में आया कि भूकंप है तो तुरंत घर से बाहर आ गए। लहरतारा, मंडुवाडीह, लंका, सेंट्रल जेल रोड, पांडेयपुर, मैदागिन सहित पूरे शहर में भूकंप के झटकों से दहशत का माहौल बना रहा। लोग देर रात तक सड़कों पर खड़े होकर भूकंप के अपने-अपने अनुभवाें की चर्चा करते रहे। खासकर बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों को भूकंप के झटकों का ज्यादा असर रहा। यही कारण है कि वे नीचे उतरने के बाद वापस जाने में डरते रहे। बहुमंजिला इमारतों में एहतियातन लिफ्ट आदि बंद कर दिया गया था।
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अस्सी निवासी दिनेश मिश्र ने बताया कि वे खाना खाकर बैठे थे तभी ऊपर पंखा हिलने लगा और झूमर हिलने की आवाज आई तो चिल्लाते हुए घर से निकले और हम सब सड़क पर आ गए। गोदौलिया के अनूप जायसवाल ने बताया कि कुछ देर तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। जब समझ में आया कि भूकंप है तो तुरंत घर से बाहर आ गए। लहरतारा, मंडुवाडीह, लंका, सेंट्रल जेल रोड, पांडेयपुर, मैदागिन सहित पूरे शहर में भूकंप के झटकों से दहशत का माहौल बना रहा। लोग देर रात तक सड़कों पर खड़े होकर भूकंप के अपने-अपने अनुभवाें की चर्चा करते रहे। खासकर बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों को भूकंप के झटकों का ज्यादा असर रहा। यही कारण है कि वे नीचे उतरने के बाद वापस जाने में डरते रहे। बहुमंजिला इमारतों में एहतियातन लिफ्ट आदि बंद कर दिया गया था।
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