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रोपवे में दिखेगी प्राचीन काशी: गाय, गंगा, त्रिशूल, डमरू से सजेगा, उकेरी जा रहीं धार्मिक-सांस्कृतिक आकृतियां

Mon, 07 Sep 2026 01:48 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 07 Sep 2026 01:48 PM IST
सार

वाराणसी में आधुनिक रोपवे में प्राचीन काशी दिखेगी। गाय, गंगा, त्रिशूल, डमरू से रोपवे को सजाया जाएगा। इसके लिए स्टेशनों पर धार्मिक-सांस्कृतिक आकृतियां उकेरी जा रही हैं। 

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Kashi ropeway adorned with motifs of cow Ganga trident and damru stations to showcase glimpses of heritage
गाय, गंगा, त्रिशूल, डमरू से सजेगा काशी का रोपवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी में आकार ले रहा नगरीय परिवहन रोपवे अब सिर्फ यातायात का नया विकल्प नहीं होगा, बल्कि इसके स्टेशन शहर की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करेंगे। स्टेशनों के फसाड पर गाय, गंगा, त्रिशूल और डमरू जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ सारनाथ की आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती भगवान बुद्ध की आकृतियां उकेरी जा रही हैं। चुनार के बलुआ पत्थर पर की गई नक्काशी भी स्टेशनों की वास्तुकला में काशी की प्राचीन विरासत की झलक भी दिखाएगी। स्टेशनों की दीवारों और फसाड पर गंगा और काशी के ऐतिहासिक घाटों की झलक भी उकेरी जा रही है।

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वीडीए वीसी पूर्ण बोरा ने बताया कि रोपवे के स्टेशनों और गंडोला के डिजाइन में काशी की पहचान को समाहित किया जा रहा है। सभी स्टेशनों पर काशी की विशिष्ट परंपरा, हस्तकला, अध्यात्म, संगीत और धार्मिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। 
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प्रमुख मंदिरों की स्थापत्य शैली के साथ काशी की सांस्कृतिक विरासत को भी स्टेशन के डिजाइन में स्थान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोपवे स्टेशनों पर लगाए जा रहे चुनार के बलुआ पत्थर पर की गई नक्काशी काशी की प्राचीन इमारतों की स्थापत्य शैली से मेल खाती नजर आ रही है। पत्थर पर उकेरी गई कलाकृतियों में काशी की समृद्ध विरासत और हस्तशिल्प की झलक दिखाई दे रही है।

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कैंट से गोदौलिया को जोड़ेंगे पांच स्टेशन
कैंट से गोदौलिया तक रोपवे के पांच स्टेशन होंगे। इनमें कैंट रोपवे स्टेशन, विद्यापीठ स्टेशन, रथयात्रा स्टेशन, गोदौलिया गिरजाघर स्टेशन और गोदौलिया स्टेशन शामिल हैं। परियोजना के पहले सेक्शन के तीनों स्टेशनों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि दूसरे सेक्शन में गोदौलिया स्टेशन तक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

रोपवे के संचालन के बाद कैंट से गोदौलिया के बीच यात्रियों को लगभग डेढ़ से दो मिनट के अंतराल पर गंडोला उपलब्ध कराने की योजना है। एक दिशा में एक घंटे में करीब 3,000 लोग, जबकि दोनों दिशाओं में करीब 6,000 यात्री प्रति घंटे सफर कर सकेंगे। गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन तक की दूरी रोपवे से लगभग 16 मिनट में तय की जा सकेगी। परियोजना में 148 ट्रॉली कार संचालित होंगी। हर ट्रॉली में 10 यात्री सवार हो सकेंगे। रोपवे का संचालन प्रतिदिन करीब 16 घंटे करने की योजना है। 

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