{"_id":"612157ab8ebc3e79eb19525f","slug":"kashi-priest-will-swing-in-the-swing-gaura-and-ganesh-will-be-with-him-varanasi-news-vns6072495108","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूले में झूलेंगे काशी पुराधिपति, संग होंगे गौरा और गणेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूले में झूलेंगे काशी पुराधिपति, संग होंगे गौरा और गणेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सावन की पूर्णिमा पर काशीपुराधिपति सपरिवार झूले पर विराजमान होंगे। श्रावण पूर्णिमा पर बाबा का झूलनोत्सव शृंगार किया जाएगा। मंदिर परिसर को कामिनी की पत्तियों और फूलों से सजाया जाएगा। काशीपुराधिपति को काशीवासी झूला झूलाकर प्राचीन परंपरा का निर्वहन करेंगे।
बाबा विश्वनाथ के मंदिर में शनिवार को दर्शन-पूजन के लिए देर रात तक तैयारियां चलतीं रहीं। श्रद्धालुओं के लिए कराई गई बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछा दिया गया है। काशी पुराधिपति का दरबार अपने भक्तों के लिए सजधज कर तैयार हो गया है। मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन आरंभ हो जाएगा। बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर दर्शन देंगे।
मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से अलग-अलग मार्ग तैयार किए गए हैं। तीनों मार्ग में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए मंदिर प्रशासन द्वारा सभी प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग करने की व्यवस्था की गई है। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
विज्ञापन
मंदिर में न लेकर आएं कोई भी इलेक्ट्रानिक उपकरण
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, पेन, घड़ी, पेनड्राइव आदि को लेकर मंदिर में न आएं। इससे दर्शन में परेशानी होगी। दूसरा मंदिर परिसर में किसी विग्रह, दीवार या रेलिंग को स्पर्श करने से बचें।
छह घंटे पर होगा सैनिटाइज
मंदिर परिसर को हर छह घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए चिकित्सक और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। पेयजल से लेकर खोया पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।
विज्ञापन
बाबा विश्वनाथ के मंदिर में शनिवार को दर्शन-पूजन के लिए देर रात तक तैयारियां चलतीं रहीं। श्रद्धालुओं के लिए कराई गई बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछा दिया गया है। काशी पुराधिपति का दरबार अपने भक्तों के लिए सजधज कर तैयार हो गया है। मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन आरंभ हो जाएगा। बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर दर्शन देंगे।
विज्ञापन
मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से अलग-अलग मार्ग तैयार किए गए हैं। तीनों मार्ग में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए मंदिर प्रशासन द्वारा सभी प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग करने की व्यवस्था की गई है। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
विज्ञापन
मंदिर में न लेकर आएं कोई भी इलेक्ट्रानिक उपकरण
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, पेन, घड़ी, पेनड्राइव आदि को लेकर मंदिर में न आएं। इससे दर्शन में परेशानी होगी। दूसरा मंदिर परिसर में किसी विग्रह, दीवार या रेलिंग को स्पर्श करने से बचें।
छह घंटे पर होगा सैनिटाइज
मंदिर परिसर को हर छह घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए चिकित्सक और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। पेयजल से लेकर खोया पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।