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खेती: 50 डिग्री तापमान में उगेगी काशी मनु साग, 38 में काशी तपस टमाटर; आईआईवीआर ने लगाई मुहर

Thu, 18 Jul 2024 04:47 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 18 Jul 2024 04:47 PM IST
सार

Varanasi News: कृषि वैज्ञानिकों ने 10 साल के परिश्रम के बाद इस सफलता को हासिल किया है। काशी तपस टमाटर और काशी मनु साग को विश्वस्तर पर पहचान मिलेगी। इन किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान में मान्यता भी दे दी है।

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Kashi Manu Saag grow in 50 degree temperature Kashi Tapas Tomato 38 degree IIVR approved it
शाहंशाहपुर में लगी मनु साग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) शाहंशाहपुर के काशी तपस टमाटर और काशी मनु साग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। वैज्ञानिकों के 10 साल के अथक परिश्रम के बाद उन्होंने ये सफलता हासिल की है। 

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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने इन किस्मों को मान्यता देते हुए इसका लोकार्पण दिल्ली में किया। काशी मनु यानी करेमुआ साग को 45 से 50 डिग्री सेल्सियस और काशी तपस टमाटर 35-38 डिग्री सेल्सियस तापमान में उगाया जा सकता है। 
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ये दोनों ही किस्में न सिर्फ अधिक उपज देंगी बल्कि इनमें पौष्टिकता भी कई गुना ज्यादा होगी। आईआईवीआर के कार्यकारी निदेशक डॉ. नागेंद्र राय व प्रधान वैज्ञानिक डीआर भारद्वाज ने बताया कि इन दोनों किस्मों के बीज अब व्यापक स्तर पर तैयार किए जाएंगे।

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हर मौसम में उगेगा गुणकारी काशी मनु
तालाबों व नालों के पास उगने वाला करेमुआ साग अब काशी मनु बन गया है। इसे किस्म को आईआईवीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश कुमार सिंह सहित तीन वैज्ञानिकों की टीम ने विकसित किया है। डॉ. राकेश ने बताया कि इसका उत्पादन किसान खेतों में हर सीजन में कर सकते हैं। 

एक बार इसकी बुआई करने पर तीन साल तक पैदावार होगी। चाहे सूखा क्षेत्र हो या 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान, इसका उत्पादन किया जा सकेगा। एक हेक्टेयर में एक हजार क्विंटल उत्पादन होगा। इस साग की न सिर्फ सब्जी बल्कि सूप, सलाद, सब्जी, पकौड़ी आदि बनाकर खा सकते हैं। 

इसमें कीड़े लगने का भी डर नहीं है। उन्होंने बताया कि काशी मनु साग में फोलिक एसिड, आयरन, विटामिन ए, फास्फोरस, प्रोटीन आदि पोषक तत्व मौजूद हैं। इसे पथरी के मरीज भी खा सकते हैं। काशी मनु को गमले में और घरों की छतों पर भी उगा सकते हैं।

गर्मी में भी उगेगा काशी तपस टमाटर
डॉ. नागेंद्र राय सहित पांच वैज्ञानिकों ने काशी तपस टमाटर की किस्म को नौ साल में विकसित किया है। उन्होंने बताया कि यह टमाटर संकर (हाइब्रिड) किस्म है। इसका उत्पादन 34-38 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी किया जा सकता है। अभी तक मई के प्रथम सप्ताह तक टमाटर की सभी किस्में खत्म हो जाती हैं। मगर यह जून तक चलेगा। एक हेक्टेयर में इसकी औसत उपज करीब 400 क्विंटल है।

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