काशी महाकल एक्सप्रेस पर भी कोरोना वायरस की मार, रेलवे ने कैंसिल की ट्रेन
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तीन ज्योतिर्लिंग को जोड़ने वाली देश की तीसरी कॉरपोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस को एक अप्रैल तक निरस्त कर दिया गया है। कोरोना वायरस के कारण यात्रियों की संख्या में लगातार कमी के चलते आईआरसीटीसी ने 19 मार्च से एक अप्रैल तक ट्रेन को निरस्त किया है।
वाराणसी-इंदौर वाया लखनऊ और वाराणसी-इंदौर वाया प्रयागराज के बीच चलने वाली इस ट्रेन में टिकट बुकिंग कराने वाले यात्रियों की धनराशि वापस की जाएगी। बुधवार की शाम आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने काशी महाकाल एक्सप्रेस के निरस्त का आदेश जारी किया।
काशी से उज्जैन व इंदौर को जोड़ने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस को 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ किया था, 20 फरवरी को ट्रेन का कामर्शियल रन शुरू हुआ था। सप्ताह के मंगलवार और गुरुवार को कैंट रेलवे स्टेशन से दोपहर खुलकर लखनऊ के रास्ते इंदौर जाती है और हर रविवार को कैंट रेलवे स्टेशन से प्रयागराज के रास्ते कानपुर होते हुए उज्जैन, इंदौर जाती है।
कोरोना वायरस को देखते हुए उज्जैन स्थित महाकाल में दर्शन पर रोक और इधर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में भी दर्शन पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ झांकी दर्शन कराया जा रहा है। यही कारण है कि ट्रेन में यात्रियों की संख्या भी कम हो गई।
आईआरसीटीसी लखनऊ मंडल के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना से बचाव और यात्रियों की संख्या में कमी के चलते 19 मार्च से एक अप्रैल तक काशी महाकाल एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया है। जिन यात्रियों की बुकिंग हुई है, उनकी धनराशि वापस कर दी जाएगी।