यूपीआईटीएस में दिखेगी काशी की विरासत: 45 उद्यमियों को वैश्विक बाजार, कराया पंजीकरण; हस्तशिल्पियों को उम्मीद
वाराणसी के 45 उद्यमी 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में काशी के पारंपरिक और आधुनिक उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। बनारसी सिल्क साड़ी, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क समेत खाद्य उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र होंगे। आयोजन से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा।
विस्तार
काशी की प्राचीन विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक उद्यमिता की झलक इस बार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले ट्रेड शो के चौथे संस्करण में वाराणसी के 45 उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने काशी के पारंपरिक उत्पादों को बाजार मिलने की उम्मीद है।
ट्रेड शो में बनारसी सिल्क साड़ी, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, हैंडमेड बनारसी सिल्क के विभिन्न उत्पादों के साथ आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। काशी के खानपान, पहनावे, घर की सजावट और दैनिक उपयोग से जुड़े उत्पाद भी यहां देखने को मिलेंगे।
45 उद्यमियों ने कराया पंजीकरण
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि ट्रेड शो में भाग लेने के लिए वाराणसी से 45 उद्यमियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), एमएसएमई, जीआई उत्पाद, निर्यातक, एक जिला-एक व्यंजन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हैं।
ट्रेड शो में काशी के प्रमुख हस्तशिल्प के साथ स्थानीय व्यंजनों की भी पहचान देखने को मिलेगी। ओडीओपी के तहत लौंगलता, तिरंगा बर्फी और बनारसी पान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे खरीदारों को काशी के स्वाद और पारंपरिक उत्पादों की विविधता एक ही मंच पर देखने का अवसर मिलेगा।
विरासत से आधुनिक उत्पादों तक विविधता
एमएसएमई और युवा उद्यमियों के उत्पाद काशी के बदलते कारोबारी परिवेश और नए बाजारों की ओर बढ़ते कदम को प्रदर्शित करेंगे। प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद, कंटेनर, बैग समेत विभिन्न उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इन उत्पादों में पारंपरिक शिल्प के साथ आधुनिक बाजार की मांग को ध्यान में रखकर किए गए प्रयोग भी दिखाई देंगे।
यूपीआईटीएस के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को देश-विदेश के खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे नए कारोबारी संपर्क, ऑर्डर और बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। खासकर जीआई और ओडीओपी उत्पादों के लिए यह मंच उनकी पहचान को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में मददगार हो सकता है।
हस्तशिल्पियों को बड़े बाजार की उम्मीद
ट्रेड शो में शामिल होने वाले उद्यमियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। जीआई और ओडीओपी गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी कुंज बिहारी ने बताया कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को नए खरीदारों तक पहुंचने का मौका मिलता है।
वाराणसी के ‘वुडेन लेकर वेयर’ लकड़ी के खिलौना उद्योग से जुड़ीं अमृता सिंह के अनुसार, ट्रेड शो जैसे मंच पारंपरिक उत्पादों की बाजार में पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों के लिए बड़े बाजार की संभावनाएं बनती हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना से लाभान्वित महिला स्वास्थ्य से जुड़े प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद बनाने वाली कंपनी श्री विधि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की निदेशक अदिति सिंह ने बताया कि ऐसे मंचों पर खरीदारों से सीधे संपर्क बनाने और उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने की संभावना मिलती है।
द स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो एमएसएमई और हैंडीक्राफ्ट को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। नए ऑर्डर, निवेश और औद्योगिक विस्तार से रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही निर्यातकों और विदेशी खरीदारों से संपर्क बढ़ने से घरेलू उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश के अवसर बनेंगे।
वाराणसी के पंजीकृत उद्यमी
- ओडीओपी - 15
- एमएसएमई - 7
- नए निर्यातकों -7
- पुराने निर्यातक -1
- जीआई उत्पादों -10
- ओडीओसी - 4
- सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान - 1