Padma Awards: काशी को मिले तीन और पद्मश्री, विभूतियों ने सम्मान को विश्वनाथ बाबा को किया समर्पित
काशी में अब तक संगीत, कला, साहित्य और शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्र में महान विभूतियों को पद्म सम्मान मिल चुके हैं। मंगलवार को तीन अौर विभूतियों को पद्मश्री मिलने के बाद लोग गौरवान्वित दिखे।
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राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल, किसान चंद्रशेखर सिंह और मरणोपरांत काशी के डोमराजा स्व.जगदीश चौधरी को पद्मश्री सम्मान दिया गया। सम्मान पाने के बाद डोमराजा के पुत्र ओम चौधरी, प्रो.रामयत्न और चंद्रशेखर सिंह ने उसे बाबा को समर्पित किया।
काशी में अब तक संगीत, कला, साहित्य और शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्र में महान विभूतियों को पद्म सम्मान मिल चुके हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को तीनों विभूतियों को पद्मश्री मिलने के बाद इनके परिवारीजनों के साथ ही संस्कृत जगत, किसान सहित अन्य लोग बहुत खुश दिखे। बातचीत में प्रो. रामयत्न, चंद्रशेखर सिंह ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परम सौभाग्य बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ही मिला है।
पं. छन्नूलाल मिश्र को मिला पद्मविभूषण
किराना और बनारस घराने के पं. छन्नूलाल को ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी और चैती के लिए जाना जाता है। ‘खेले मसाने में होली दिगंबर...’, उनका सबसे चर्चित गीत है। प्रख्यात उप शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में पद्मविभूषण की उपाधि से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें अलंकरण, मानपत्र और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया। पंडित छन्नूलाल मिश्र को वर्ष 2020 में पद्मविभूषण दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन कोविड संक्रमण के कारण समारोह का आयोजन नहीं हो सका था।
पद्मविभूषण सम्मान प्राप्त होने के बाद पं. छन्नूलाल मिश्र ने कहा कि यह मेरा नहीं पूरे बनारस घराने के संगीत का सम्मान है। यह सम्मान बनारस के संगीत, बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा को समर्पित है। सोमवार को बातचीत के दौरान पद्मविभूषण पं. छन्नू लाल मिश्र ने कहा कि उनकी संगीत साधना का यह सुफल है।