काशी फ्यूजन म्यूजिक फेस्टिवल: पंजाबी गीतों की तान और बैंड पर दर्शक थिरके, रसिका की बांसुरी ने किया कमाल
काशी फ्यूजन म्यूजिक फेस्टिवल की तीसरी निशा में रसिका शेकर ने बॉलीवुड की पुरानी यादों को ताजा करते हुए आज जाने की जिद ना करो... से शुरुआत की तो दर्शक उनकी रुहानी आवाज पर रीझ गए। दर्शकों ने भी सुर से सुर मिलाया तो पूरा मंच संगीत से प्रतिध्वनित हो उठा
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काशी फ्यूजन म्यूजिक फेस्टिवल की तीसरी निशा ने दर्शकों को रेट्रो संगीत के साथ ब्राइडन पार्थ के बैंड की धुन से रूबरू कराया। शुक्रवार को महोत्सव में राजघाट के मुक्ताकाशीय मंच पर पंजाबी गीतों की तान और बैंड के फ्यूजन पर दर्शक थिरकते रहे।
संगीत महोत्सव की तीसरी निशा में रसिका शेकर ने बॉलीवुड की पुरानी यादों को ताजा करते हुए आज जाने की जिद ना करो... से शुरुआत की तो दर्शक उनकी रुहानी आवाज पर रीझ गए। दर्शकों ने भी सुर से सुर मिलाया तो पूरा मंच संगीत से प्रतिध्वनित हो उठा। इसके बाद रसिका ने बांसुरी की धुन पर तू ही रे....की मधुर तान छेड़ी।
दर्शक मंत्रमुग्ध होकर बांसुरी के सप्तसुरों से निकलने वाली तान पर मोहित से हो गए। जैसे ही प्रस्तुति समाप्त हुई तो पूरा मंच हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद इन्ना सोणा क्यूं रब ने बनाया...को स्वर दिया तो मंच पर मौजूद जनता भी झूम उठी। बीच-बीच में बांसुरी की धुनों पर संगीत की तान को सुरों के सप्तक से जोड़ते हुए रसिका ने दर्शकों को फ्यूजन संगीत का अहसास कराया। अं
तिम प्रस्तुति में कजरा मोहब्बत वाला... की प्रस्तुति ने तो पूरे माहौल को रुमानियत से भर दिया। इसके बाद ब्राइडन और पार्थ के बैंड ने केसरिया... से शुरुआत की। गिटार और बांसुरी की जुगलबंदी पर उन्होंने इलाही..., सूरज डूबा है...और मैं तेरा हीरो...के बाद चौगाड़ा की तान छेड़ी तो दर्शक भी खुद को थिरकने से रोक नहीं सके।
इसके बाद बूमरो-बूमरो, लंदन ठुमकदा...., ऐवी ऐवी लुट गया....के बाद दलेर मेंहदी का हायो रब्बा और तुनक-तुनक...की धुन से पूरे माहौल में जोश भर दिया।