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सारनाथ: कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों बौद्ध अनुयायियों ने किया पवित्र अस्थि अवशेष का दर्शन
Fri, 19 Nov 2021 11:20 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:20 PM IST
सार
नागपुर, बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गुजरात के हजारों उपासक कंबोडिया, थाईलैंड, जापान, तिब्बत सहित अन्य बौद्ध मंदिरों के बौद्ध भिक्षुओं ने अस्थि दर्शन किया।
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भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि अवशेष का विशेष पूजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के सारनाथ स्थित महाबोधी सोसाइटी ऑफ इंडिया के मूलगंध कुटी विहार बौद्ध मंदिर में शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर अस्थि दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बौद्ध अनुयायियों ने अस्थि का दर्शन किया। अस्थि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के साथ ही बौद्ध भंते भी सुबह पांच बजे ही कतार में लग गए।
बौद्ध मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को भिक्षु सुमितानंद थेरो, के मेधानकर थेरो ने भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि अवशेष का विशेष पूजा अर्चना कर बौद्ध अनुयायियों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिया। इस दौरान नागपुर, बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गुजरात के हजारों उपासक कंबोडिया, थाईलैंड, जापान, तिब्बत सहित अन्य बौद्ध मंदिरों के बौद्ध भिक्षुओं ने अस्थि दर्शन किया।
भगवान बुद्ध के उपदेशों को अपनाकर समृद्ध बना सकते हैं जीवन
महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में महाबोधि विद्या परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों का वार्षिकोत्सव रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं, अतिथियों ने भगवान बुद्ध के उपदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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अतिथियों ने नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का भी उद्घाटन किया। 88वें वार्षिकोत्सव पर बीएचयू के प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेशों को अपनाने और ईर्ष्या, द्वेष व लालच को त्याग कर अपना जीवन सुखमय व समृद्ध बना सकते हैं।
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बौद्ध मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को भिक्षु सुमितानंद थेरो, के मेधानकर थेरो ने भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि अवशेष का विशेष पूजा अर्चना कर बौद्ध अनुयायियों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिया। इस दौरान नागपुर, बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गुजरात के हजारों उपासक कंबोडिया, थाईलैंड, जापान, तिब्बत सहित अन्य बौद्ध मंदिरों के बौद्ध भिक्षुओं ने अस्थि दर्शन किया।
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भगवान बुद्ध के उपदेशों को अपनाकर समृद्ध बना सकते हैं जीवन
महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में महाबोधि विद्या परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों का वार्षिकोत्सव रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं, अतिथियों ने भगवान बुद्ध के उपदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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अतिथियों ने नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का भी उद्घाटन किया। 88वें वार्षिकोत्सव पर बीएचयू के प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेशों को अपनाने और ईर्ष्या, द्वेष व लालच को त्याग कर अपना जीवन सुखमय व समृद्ध बना सकते हैं।
अध्यक्षता कर रहे राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि समाज में जिस तरह से लोग आत्महत्या कर रहे हैं, उसके पीछे आध्यात्मिक शिक्षा की कमी मुख्य वजह है। भगवान बुद्ध के उपदेश जीवन में उतारने से इसमें कमी आएगी। पूर्व कुलपति प्रो. राम मोहन पाठक ने कहा कि महाबोधि सोसाइटी का कार्य ऐतिहासिक है। भगवान बुद्ध का मानना था कि शिक्षा से ही सामाजिक कुरीतियों को दूर किया जा सकता है।
बुद्ध वंदना ने बांधा समा
महाबोधि विद्या परिषद द्वारा संचालित तीनों विद्यालयों के वार्षिकोत्सव पर शुक्रवार शाम देश भक्ति गीतों से छात्रों ने समा बांध दिया। सतीश, आदित्य ने बुद्ध के प्रथम उपदेश देते हुए नाटक का मंचन किया। वहीं, अखिलेश पटेल, राज तिवारी, राहुल ने क्रांतिकारी मंगल पांडेय व सुभाष चंद्र बोस पर नाटक का मंचन किया। नाटक का निर्देशन स्नेहा श्रीवास्तव ने किया।