Varanasi: प्रो. नागेंद्र पांडेय को मिला करपात्र रत्न अलंकरण, कल जयंती समारोह में आएंगे सिक्किम के राज्यपाल
धर्मसंघ में 116वें करपात्र प्राकट्योत्सव पर आयोजित करपात्र रत्न समारोह में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय को करपात्र रत्न से अलंकृत किया गया।
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राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष ऋतुराज अवस्थी ने कहा कि धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज ने सनातन धर्म के प्रति जो दर्शन दिया है, उसी की प्रेरणा से समाज में धर्म के प्रति जिज्ञासा बढ़ रही है। शुक्रवार को दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ में 116वें करपात्र प्राकट्योत्सव पर आयोजित करपात्र रत्न समारोह में उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय को करपात्र रत्न से अलंकृत किया। स्वामी करपात्री महाराज के जयंती समारोह में शनिवार को सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य शिरकत करेंगे।
शुक्रवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऋतुराज अवस्थी ने कहा कि करपात्री जी ने गौ रक्षा और धर्म रक्षा का जो बीज बोया था, आज वही फलीभूत हो रहा है। हमें करपात्री महाराज के बताए गए धर्म के मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। विशिष्ट वक्ता काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि भारत धर्मनिर्पेक्ष तभी हो सकता है, जब इसमें धर्म की प्रधानता हो।
करपात्री जी ने कभी भी सनातनी परंपरा वाले सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। कविकुल गुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय नागपुर के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि धर्मसम्राट के सिद्धांतों और शिक्षा के प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। उनकी शिक्षा राष्ट्र के वैभव को बढ़ाएगी।
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करपात्र रत्न से अलंकृत किए जाने पर प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि स्वामी करपात्री जी के नाम से जुड़ा यह सम्मान मिलना स्वयं को अभिभूत करने वाला है। संत मुरलीधर महाराज, प्रो. गोपबंधु मिश्रा, प्रो. उपेंद्र पांडेय, प्रो. सदाशिव द्विवेदी, प्रो. कमल नयन द्विवेदी, प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, प्रो. रामनारायण द्विवेदी, प्रो.उपेंद्र त्रिपाठी, डॉ. ब्रजभूषण ओझा आदि ने भी विचार रखे। अध्यक्षता धर्मसंघ के पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने की। संचालन पंडित जगजीतन पांडेय, स्वागत डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दयानिधि मिश्र ने किया।
इन विद्वानों का भी हुआ सम्मान
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय को अति प्रतिष्ठित करपात्र रत्न सम्मान के तौर पर एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और श्रीफल प्रदान किया गया। वहीं डॉ. ददन उपाध्याय को करपात्र गौरव के साथ 21 हजार रुपये और पं. दयाशंकर त्रिपाठी को करपात्र कृपा सम्मान के साथ 11 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र दिया गया।