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रक्तदान से सेहत को नहीं होता कोई नुकसान, करिए महादान और बचाइए दूसरों की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:28 AM IST
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रक्तदान को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की भ्रांतियां रहती हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। रक्तदान करने के बाद सेहत पर इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। चिकित्सकों के मुताबिक एक स्वस्थ मनुष्य को साल में चार बार स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए।
यह एक ऐसा महादान है, जिसको करने से दूसरों की जान बचाने का मौका मिलता है। इसलिए जरूरी है कि खुद रक्तदान करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाए। अक्सर यहीं देखने को मिलता है कि परिवार या किसी रिश्तेदारी में जरूरत पड़ने पर भी लोग खून नहीं देना चाहते हैं।
ऐसा इसलिए कि उन्हें खुद नहीं मालूम चल पाता है कि वह भी खून दे सकते हैं। ऐसे लोग या तो दूसरों को रक्तदान करने के लिए कहते हैं या फिर ब्लड बैंकों का चक्कर लगाते हैं। इस इंतजार में सबसे अधिक नुकसान उस मरीज का होता है, जिसे समय से खून नहीं मिल पाता है।
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इसमें भी उन्हें समस्या अधिक होती है जिनके पास डोनर नहीं होता है, ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाताओं का प्रयास रंग लाता है और ब्लड बैंक की ओर से बिना डोनर वाले मरीजों को खून मिल जाता है। हालांकि ब्लड बैंक के आंकड़े भी बहुत चौकाने वाले सामने आते हैं।
यहां हर साल जरूरत के हिसाब से स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों की संख्या बहुत कम होती है। इसी उद्देश्य के साथ ही बीएचयू ब्लड बैंक, आईएमए ब्लड बैंक सहित सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक की ओर से समय-समय पर शिविर का आयोजन कर लोगों से अपील की जाती है।
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यह एक ऐसा महादान है, जिसको करने से दूसरों की जान बचाने का मौका मिलता है। इसलिए जरूरी है कि खुद रक्तदान करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाए। अक्सर यहीं देखने को मिलता है कि परिवार या किसी रिश्तेदारी में जरूरत पड़ने पर भी लोग खून नहीं देना चाहते हैं।
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ऐसा इसलिए कि उन्हें खुद नहीं मालूम चल पाता है कि वह भी खून दे सकते हैं। ऐसे लोग या तो दूसरों को रक्तदान करने के लिए कहते हैं या फिर ब्लड बैंकों का चक्कर लगाते हैं। इस इंतजार में सबसे अधिक नुकसान उस मरीज का होता है, जिसे समय से खून नहीं मिल पाता है।
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इसमें भी उन्हें समस्या अधिक होती है जिनके पास डोनर नहीं होता है, ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाताओं का प्रयास रंग लाता है और ब्लड बैंक की ओर से बिना डोनर वाले मरीजों को खून मिल जाता है। हालांकि ब्लड बैंक के आंकड़े भी बहुत चौकाने वाले सामने आते हैं।
यहां हर साल जरूरत के हिसाब से स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों की संख्या बहुत कम होती है। इसी उद्देश्य के साथ ही बीएचयू ब्लड बैंक, आईएमए ब्लड बैंक सहित सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक की ओर से समय-समय पर शिविर का आयोजन कर लोगों से अपील की जाती है।
बीएचयू अस्पताल में कल रक्तदान का मौका
रक्तदान शिविर
अगर आप रक्तदान करना चाहते हैं तो अमर उजाला फाउंडेशन और बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में 26 जुलाई को डॉक्टर्स लाउंज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।
कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में सुबह 9.00 बजे से शाम 3.00 बजे तक लगने वाले शिविर में रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने का संकल्प पूरा कर सकते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित किए जा रहे शिविर में रक्तदाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र मौके पर ही दिया जाएगा।
यह प्रशस्ति पत्र आपके लिए हमेशा यादगार रहेगा। इसके अलावा बीएचयू ब्लड बैंक द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सर्टिफिकेट में रक्तदाता के ब्लड ग्रुप सहित अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज रहेंगी।
बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजय नाथ मिश्रा का कहना है कि जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। अक्सर रक्त के अभाव में लोगों की जान चली जाती है। अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर से ही ऐसे लोगों की मदद करने में आसानी होगी।
कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में सुबह 9.00 बजे से शाम 3.00 बजे तक लगने वाले शिविर में रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने का संकल्प पूरा कर सकते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित किए जा रहे शिविर में रक्तदाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र मौके पर ही दिया जाएगा।
यह प्रशस्ति पत्र आपके लिए हमेशा यादगार रहेगा। इसके अलावा बीएचयू ब्लड बैंक द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सर्टिफिकेट में रक्तदाता के ब्लड ग्रुप सहित अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज रहेंगी।
बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजय नाथ मिश्रा का कहना है कि जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। अक्सर रक्त के अभाव में लोगों की जान चली जाती है। अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर से ही ऐसे लोगों की मदद करने में आसानी होगी।