कारगिल की वीरगाथा लिए महादेव की नगरी पहुंची काशी विश्वनाथ, पेंटिंग पर रुक गई लोगों की निगाहें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कारगिल युद्ध की वीर गाथाओं से सजी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस मंगलवार की सुबह कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन की बोगियों पर विनायल रैप से प्रदर्शित की गई सैनिकों की बहादुरी की कहानी यात्रियों के आकर्षण का केंद्र रही। पेंटिंग ने सभी के जेहन में एक बार फिर कारगिल विजय दिवस की यादों को जीवंत कर दिया।
सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस वाराणसी कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर आई। उसकी बोगियों पर विनायल रैप से कारगिल दिवस की स्मृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं को उकेरा गया था। ट्रेन के प्लेटफार्म पर रुकते ही वहां मौजूद यात्रियों के परिजनों व दूसरे ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोगों की निगाह पेंटिंग पर टिक गई।
भारतीय रेलवे ने 1999 में करगिल युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में 20वें करगिल विजय दिवस की स्मृति में 218 रेल डिब्बों को सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की कहानी कहने वाले वीरता के रंग में रंगा गया है। यह डिब्बे रेलवे के विशाल नेटवर्क के जरिए देश के विभिन्न भागों तक जाएंगे।