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कचौरी-जलेबी, कढ़ी पनीर पर जापानी फिदा
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 06 Dec 2015 02:19 AM IST
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रिश्तों की नजदीकियां जापानियों को भारतीय खानपान की ओर भी खूब आकर्षित कर रही हैं। अमूमन कम तेल-मसाला वाले व्यंजन पसंद करने वाले जापानी अब बनारस की खास कचौरी, जलेबी के स्वाद पर फिदा हैं।
कढ़ी-पनीर और अरहर की छौंकी दाल भी जापानी चाव से पी रहे हैं। जापानी रेस्टूरेंट में भारतीय व्यंजनों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ जापानियों का कहना है कि बनारस आने पर लस्सी और अरहर की दाल चखना वह नहीं भूलते।
नॉनवेज भोजन पसंद करने वाले जापानियों को किस कदर भारतीय खानपान अपनी ओर लुभा रहा है, यह उनकी जुबानी ही जान लीजिए। चिबा शहर की आईया यू इन दिनों महीने भर से बनारस में ही कैंप कर रही हैं। गलियों में घूमना और सुबह की कचौरी, जलेबी का स्वाद चखना उनकी आदत बन गई है।
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आईया यू ने अमर उजाला को बताया कि मिठाइयां बहुत नहीं भातीं लेकिन गरम-गरम जलेबी खाने में मजा देती है। सुबह कचौरी की खुशबू उन्हें नुक्कड़ों की दुकानों तक खींच लाती है। इसी तरह उन्हें कढ़ी-पनीर और छौंकी अरहर की दाल बहुत स्वादिस्ट लगती है और वह काशी आने पर इसका भरपूर आनंद उठाती हैं।
हिरोशिमा से आए तोमाइको ने बताया कि बनारस में उन्हें दोसा, करी, चिकन टिक्का मसाला अच्छा लगता है। कचौड़ी गली की ब्लू लस्सी शॉप पर लस्सी और गलियों की कचौरी उन्हें खूब भाती है। इस तरह का व्यंजन उन्हें अपने देश में खाने के लिए नहीं मिलता।
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कढ़ी-पनीर और अरहर की छौंकी दाल भी जापानी चाव से पी रहे हैं। जापानी रेस्टूरेंट में भारतीय व्यंजनों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ जापानियों का कहना है कि बनारस आने पर लस्सी और अरहर की दाल चखना वह नहीं भूलते।
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नॉनवेज भोजन पसंद करने वाले जापानियों को किस कदर भारतीय खानपान अपनी ओर लुभा रहा है, यह उनकी जुबानी ही जान लीजिए। चिबा शहर की आईया यू इन दिनों महीने भर से बनारस में ही कैंप कर रही हैं। गलियों में घूमना और सुबह की कचौरी, जलेबी का स्वाद चखना उनकी आदत बन गई है।
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आईया यू ने अमर उजाला को बताया कि मिठाइयां बहुत नहीं भातीं लेकिन गरम-गरम जलेबी खाने में मजा देती है। सुबह कचौरी की खुशबू उन्हें नुक्कड़ों की दुकानों तक खींच लाती है। इसी तरह उन्हें कढ़ी-पनीर और छौंकी अरहर की दाल बहुत स्वादिस्ट लगती है और वह काशी आने पर इसका भरपूर आनंद उठाती हैं।
हिरोशिमा से आए तोमाइको ने बताया कि बनारस में उन्हें दोसा, करी, चिकन टिक्का मसाला अच्छा लगता है। कचौड़ी गली की ब्लू लस्सी शॉप पर लस्सी और गलियों की कचौरी उन्हें खूब भाती है। इस तरह का व्यंजन उन्हें अपने देश में खाने के लिए नहीं मिलता।