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Varanasi: जर्मन और अमेरिकी तकनीकी की रोशनी से जगमगाएगी कबीर प्राकट्य स्थली, 8 करोड़ से होगा कायाकल्प

Mon, 10 Jul 2023 05:34 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 10 Jul 2023 05:34 PM IST
सार

वाराणसी के लहरतारा स्थित श्रमसाधक कबीर की प्राकट्य स्थली जल्द ही नए स्वरूप में देश और दुनिया भर के कबीरपंथियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। शासन की ओर से प्राकट्य स्थली के सुंदरीकरण और निर्माण के लिए आठ करोड़ का बजट जारी हो चुका है।

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Kabir Prakatya Sthali will shine with light of German and American technology
पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगी कबीर प्राकट्य स्थली - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वाराणसी में संत कबीर की प्राकट्य स्थली को भव्य स्वरूप में संवारने का काम शुरू हो गया है। शासन और मठ के सहयोग से प्राकट्य स्थली को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। नीदरलैंड की बोट पर लहरतारा तालाब में बच्चे नौकायन का लुत्फ उठाएंगे। तालाब की सुंदरता बढ़ाने के लिए यहां म्यूजिकल फव्वारा लगाया जाएगा। लाइटें भी लगाई जाएंगी। इन्हें जर्मनी और अमेरिका से मंगाया जाएगा। शासन की ओर से प्राकट्य स्थली के सुंदरीकरण और निर्माण के लिए आठ करोड़ का बजट जारी हो चुका है।

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लहरतारा स्थित श्रमसाधक कबीर की प्राकट्य स्थली जल्द ही नए स्वरूप में देश और दुनिया भर के कबीरपंथियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। प्राकट्य स्थली के विकास के लिए सरकार की ओर से जारी बजट से संपर्क मार्ग, प्रवेश द्वार, ओपन थियेटर, संत कबीरघाट, संत कबीर स्मारक और प्लाजा का निर्माण कराया जाएगा।
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मठ की ओर से भी पांच करोड़ रुपये होंगे खर्च

मठ के महंत विवेक दास ने बताया कि शासन की ओर से जारी बजट से निर्माण कार्य कराने के बाद मठ की ओर से भी सुंदरीकरण के लिए पांच करोड़ की धनराशि भी खर्च की जाएगी। कबीर स्मारक मेरी कल्पना है और इस कल्पना को दिल्ली के विख्यात वास्तुविद उजान घोष मूर्त रूप देंगे। 2024 तक सुंदरीकरण और निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा।

पत्थर भी बोलेंगे कबीर की वाणी

Kabir Prakatya Sthali will shine with light of German and American technology
पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगी कबीर प्राकट्य स्थली - फोटो : सोशल मीडिया

महंत विवेक दास ने बताया कि यूपीपीसीएल ने प्राकट्य स्थली पर कार्य आरंभ कर दिया है। प्राकट्य स्थली पर बनने वाले स्मारक का हर पत्थर कबीर की वाणी बोलेगा। कबीर साहब आत्मवादी संत थे और उनका दर्शन निर्गुणवाद पर आधारित है इसलिए स्मारक में कोई प्रतिमा या मूर्ति स्थापित नहीं होगी। कबीर साहब मूर्तिपूजा के खिलाफ थे और हम मूलगादी की पीठ से देश और दुनिया को यही संदेश देंगे।

पर्यटन का बनेगा नया केंद्र, होगा कमलवन

बनारस में कबीर प्राकट्य स्थली पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरेगी। निर्माण के बाद सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक कबीर उद्भव स्थल परिसर और स्मारक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। पुस्तकालय एवं अध्ययन केंद्र के साथ ही बच्चों के लिए मोटरबोट लहरतारा तालाब में चलाई जाएगी। महंत विवेकदास ने बताया कि यह सभी मोटरबोट नीदरलैंड से मंगवाए जाएंगे। तालाब को कबीर साहब के प्रतीक स्वरूप कमलवन से सजाया जाएगा। तालाब में जगह-जगह रंगीन म्यूजिक फव्वारा लगाया जाएगा। रात में नौ बजे से लाइट एंड साउंड शो का प्रदर्शन होगा।

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