Varanasi News: शिवार्चनम के मंच पर वायलिन और सितार की जुगलबंदी, काशी विश्वनाथ धाम में संगीतमय आयोजन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित शिवार्चनम में कलाकारों ने अपनी अनोखी प्रस्तुति दी। उन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। महिषासुर मर्दिनी के मंचन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
विस्तार
Kashi Vishwanath Temple: सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संस्था काशी ओम शांति सेवा ट्रस्ट की ओर से शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में शिवार्चनम का आयोजन हुआ। वाॅयलिन और सितार की जुगलबंदी के साथ समूह नृत्य और कथक की प्रस्तुतियों से धाम का प्रांगण झंकृत होता रहा। बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने शिवार्चनम की संध्या का आनंद लिया।
शुक्रवार की शाम मंदिर चौक पर शिवार्चनम की शुरुआत हुई। अंतरराष्ट्रीय वाॅयलिन वादक पं. सुखदेव मिश्र के नेतृत्व में सितार पर पं. अमरेंद्र मिश्र और तबले पर श्रीकांत मिश्र की जुगलबंदी हुई। वाॅयलिन और सितार पर रागों की अवतारणा ने पूरे माहौल में भक्तिरस का संचार किया। संगीतकार रविंद्र जैन के शिष्य पं. राकेश तिवारी ने काशी महिमा पर गायन प्रस्तुत किया।
इसके बाद कथक नृत्यांगना सलोनी गुप्ता ने गणेश वंदना के साथ मनमोहक कथक की प्रस्तुति की। समूह नृत्य में आरोही गुप्ता, आरुषी गुप्ता, आन्या अग्रवाल, आद्या अग्रवाल, लक्षिता शर्मा, शिवानी गुप्ता, लावण्या गुप्ता ने महिषासुर मर्दिनी की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
चैतन्य योग सेवा संस्था की कनक गुप्ता ने आकर्षक योग नृत्य प्रस्तुत किया। संचालन चक्रवर्ती विजय नावड ने किया। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि विश्व संस्कृत प्रतिष्ठानम की अध्यक्ष काशीराज परिवार की कृष्णप्रिया, रूबल शाह, महंत वीरेंद्र मिश्रा, वेंकटरमण घनपाठी, पं. चंद्रशेखर घनपाठी ने दीप जलाकर किया।
नन्ही कलाकार रामाश्री दीक्षित ने श्लोक प्रस्तुत किया। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र, चैतन्य योग सेवा संस्था के आशीष टंडन, तमिलनाडु की डॉ. पद्मजा सुब्रमण्यम, मीनाक्षी मदन, प्रो. के चंद्रशेखर, केदार मंदिर के मुख्य अर्चक धुल्लीपल्ला नारायणा, उत्कर्ष नावड, उमाशंकर गुप्ता उपस्थित थे।