जितिया व्रत: गंगा तट से लेकर कुंडों पर उमड़ी भीड़, 80 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंची मां लक्ष्मी के दरबार
संतान की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए माताओं ने 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा। वाराणसी में भगवान भास्कर की प्रथम किरण के साथ ही व्रत के अनुष्ठान शुरू हो गए। देर रात तक 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी के मंदिर में हाजिरी लगाई।
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संतान की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए माताओं ने 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा। वाराणसी में भगवान भास्कर की प्रथम किरण के साथ ही व्रत के अनुष्ठान शुरू हो गए। गंगा के तट से लेकर शहर के कुंड और गांवों के तालाब पर व्रती महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका के विधान को पूर्ण किया। देर रात तक 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी के मंदिर में हाजिरी लगाई। भीड़ के दबाव का आलम यह था कि दोपहर में माता लक्ष्मी का श्रृंगार स्थगित करना पड़ा। इसके साथ ही 16 दिनों तक चलने वाले सोरहिया मेले का भी समापन हो गया।
शुक्रवार को ब्रह्ममुहूर्त के साथ ही जीउतिया व्रत की शुरुआत हो गई। लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड पर दर्शन पूजन और जीउतिया का अनुष्ठान करने के लिए महिलाओं की लंबी कतार सुबह से ही लगनी शुरू हो गई थी। सुबह से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला मध्य रात्रि 12 बजे तक अनवरत चलता रहा।
मां को भोग-प्रसाद, वस्त्र,पुष्प एवं सुहाग पिटारी अर्पित करके भोग आरती की गई। शनिवार को महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। लक्ष्मी कुंड के अलावा ईश्वर गंगी, शंकुलधारा, सूर्य सरोवर, पिशाचमोचन सहित सभी कुंड व तालाबों के किनारे महिलाओं की भीड़ लगी रही।
सोरहिया मेले का होगा समापन
लक्ष्मीकुंड स्थित महालक्ष्मी माता के दरबार में सोरहिया मेले के समापन अवसर पर महालक्ष्मी का दरबार सात अक्तूबर शनिवार को विभिन्न प्रकार के फूल, फल और 56 प्रकार भोग मिष्ठान से सजाया जाएगा। महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि शाम को मंदिर के सांस्कृतिक प्रबंधक गीतकार कन्हैया दुबे के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
ग्रामीण इलाकों में धूमधाम से हुआ पूजन
शहर के अलावा मिर्जामुराद के गौर ग्राम, बेनीपुर, चक्रपनपुर, प्रतापपुर, खालिसपुर, लालपुर, आषाढ़, राजपुर, खजुरी, कल्लीपुर, पिलोरी में ग्रामीण महिलाओं ने संतान की दीर्घायु व कुशल क्षेम की मंगल कामना के लिए निराजल व्रत रखकर पूजा अर्चना की। कछवा रोड, सेवापुरी ब्लॉक ठटरा गांव स्थित बम भोले मंदिर पर जीवित्पुत्रिका पूजन हुआ।
चौबेपुर में महिलाओं ने शुक्रवार की शाम गांवों के पोखरे व तालाबों पर पूजन किया। सेवापुरी में दोपहर से ही भारी तादाद में महिलाएं और पुरुष सिर पर पूजन की सामग्री लेकर बाजे गाजे के साथ गांव में बनाए गए पूजन स्थल पर पहुंचे और पूजा अर्चना की। पिंडरा, फूलपुर, सिंधोरा, कुआर, मंगारी, गरथमा, कठिराव व ओदार समेत सभी गांवों में पूजन हुआ।