UP: जेएचवी शूटआउट...विद्यापीठ का पूर्व छात्र नेता रहा है मुख्य आरोपी आलोक, अरेस्ट; डबल मर्डर का था आरोप
Varanasi News: तहरीर के अनुसार सिगरा थाने की पुलिस ने रपट दर्ज कर लिया है। आरोप है कि एलएलएम छात्र को तीन लोगों ने धमकी दी थी। पिटाई के बाद भाग गए थे।
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Varanasi Crime: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में छात्र गौरव सिंह पटेल पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी आलोक उपाध्याय को सिगरा पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया। दो अन्य आरोपियों मोनू सिंह और अंकित मिश्रा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस दबिश दे रही है। सात साल पहले छावनी के जेएचवी में शूटआउट कांड में आलोक मुख्य आरोपी रहा है।
काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्र नेता आलोक पर डबल मर्डर का आरोप था। वह लंबे समय तक जेल में बंद था। चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव का रहने वाला है। सिगरा, कैंट थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर समेत अन्य आरोपों में छह प्राथमिकी दर्ज हैं।
सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि पांडेयपुर निवासी और एलएलएम छात्र गौरव सिंह पटेल ने प्राथमिकी दर्ज कराई कि वह रिजल्ट लेने विद्यापीठ गया था। माेनू सिंह, अंकित मिश्रा और आलोक उपाध्याय ने गालीगलौज और पिटाई की। मोनू सिंह ने पिस्टल से जान लेने की नियत से फायरिंग की कोशिश की, हालांकि गोली नहीं चली। इसके बाद तीनों जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।
चंदौली से जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहा है आलोक
काशी विद्यापीठ में पढ़ाई के दौरान 31 अक्तूबर 2018 को आलोक और उसके साथियों ने वर्चस्व में जेएचवी मॉल में फायरिंग की थी। फायरिंग में टेलर समेत दो की गोली लगने से मौत हो गई थी। प्रेमिका की बहन के साथ छेड़छाड़ की सूचना पर आलोक दोस्त रोहित और कुंदन के साथ जेएचवी मॉल में पहुंचा था और प्रशांत नामक युवक से विवाद के बाद फायरिंग हुई थी।
प्रशांत के पैर में भी गोली लगी थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि आलोक जेल से छूटा। वह चंदौली के चहनिया ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य की तैयारी कर रहा था। आलोक के चार पहिया वाहन पर चुनाव संबंधित पोस्टर चस्पा है।