बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय में खुलेगा जयप्रकाश नारायण सेंटर, दो साल के पीजी कोर्स में दाखिला ले सकेंगे छात्र
बीएचयू में दीनदयाल उपाध्याय, अटल सेंटर, मैथिली सेंटर के बाद अब जयप्रकाश नारायण के नाम पर सेंटर स्थापित किया जाएगा। सामाजिक विज्ञान संकाय की देखरेख में चलने वाले इस सेंटर में विद्यार्थी आने वाले दिनों में पीजी के दो साल के पाठ्यक्रम में दाखिला भी ले सकेंगे। आने वाले दिनों में विद्वत परिषद की बैठक में इस कोर्स के मंजूरी का प्रस्ताव रखा जा सकता है। मंजूरी के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
देश में संपूर्णक्रांति की अलख जगाने वाले जयप्रकाश नारायण ने कहा था कि संपूर्णक्रांति में सात क्रांति शामिल हैं। इसमें सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक और अध्यात्मिक है। क्रांति के सफलता के लिए उन्होंने छात्रों का आह्वान भी किया था। अब शिक्षा मंत्रालय की ओर से बीएचयू में जयप्रकाश नारायण नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ह्यूूमिनिटी के स्थापित करने का प्रस्ताव कुलपति को भेजा था। अब जब यहां सेंटर स्थापित किया जा रहा है तो छात्रों को जेपी नारायण के जीवन संघर्षों, संपूर्णक्रांति आदि के बारे में अध्ययन का मौका मिलेगा।
मंत्रालय से 30 दिसंबर को पत्र आने के बाद कुलसचिव ने सामाजिक विज्ञान संकाय के प्रमुख को पत्र में इस दिशा में कार्यवाही करने को कहा था। इधर संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्रा ने छह जनवरी को कुलसचिव को भेजे पत्र में इस दिशा में कार्यवाही शुरू करने की जानकारी दी है। बताया कि छात्रों के लिए पीजी स्तर पर पाठयक्रम भी शुरू कराए जाएंगे। सेंटर के संचालन के बारे विस्तृत कार्ययोजना भी जल्द ही कुलसचिव को भेज दी जाएगी।
छह साल पहले बजट में हुआ था प्रावधान
शिक्षा मंत्रालय की ओर से उपनिदेशक कीर्ति की ओर से कुलपति को 30 दिसंबर 2020 को जो पत्र भेजा गया है, उसमें बताया गया है कि वर्ष 2014-15 के आम बजट में सेंटर के खोले जाने का निर्णय लिया गया था। तब से लेकर अब छह साल बाद बीएचयू को पत्र मिला है तो कार्रवाई शुरू हो गई है। इसमें मंत्रालय की ओर से पूरा प्रस्ताव भी कुलपति से मांगा गया है।