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भाला फेंक : विश्व एथलेटिक्स के फाइनल में पहुंचे रोहित
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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुके बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के एथलीट (भाला फेंक) रोहित यादव ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अमेरिका के यूजीन में प्रतियोगिता में रोहित ने पहले ही प्रयास में 80.42 मीटर दूर भाला फेंक कर जगह पक्की की। फाइनल रविवार को होगा। भारत से रोहित और नीरज चोपड़ा के अलावा 34 अन्य एथलीट शामिल हुए थे। हरियाणा के नीरज और रोहित सहित कुल 12 खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई है।
बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि विद्युत विभाग में वरिष्ठ लिपिक रोहित मूलरूप से जौनपुर के निवासी हैं। बरेका के रोहित ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई है। महाप्रबंधक अंजली गोयल, खेल संघ के अधिकारी और कर्मचारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। बता दें कि रोहित ने 82.54 मीटर भाला फेंककर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है।
विरासत में मिला खेल
रोहित के पिता सभाजीत यादव भी मैराथन धावक रहे। रोहित धावक तो नहीं बने, लेकिन एक जेवलिन थ्रोवर के रूप में देश का मान बढ़ा रहे हैं। रोहित पहली बार 2017 में विश्व स्कूल गेम चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत सुर्खियों में आए थे। परिजनों और ग्रामीणों ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जताई है।
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बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि विद्युत विभाग में वरिष्ठ लिपिक रोहित मूलरूप से जौनपुर के निवासी हैं। बरेका के रोहित ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई है। महाप्रबंधक अंजली गोयल, खेल संघ के अधिकारी और कर्मचारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। बता दें कि रोहित ने 82.54 मीटर भाला फेंककर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है।
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विरासत में मिला खेल
रोहित के पिता सभाजीत यादव भी मैराथन धावक रहे। रोहित धावक तो नहीं बने, लेकिन एक जेवलिन थ्रोवर के रूप में देश का मान बढ़ा रहे हैं। रोहित पहली बार 2017 में विश्व स्कूल गेम चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत सुर्खियों में आए थे। परिजनों और ग्रामीणों ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जताई है।
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