Jaunpur News: कक्षा में छात्र के बंद रह जाने पर शिक्षिका निलंबित, बीएसए ने बैठाई जांच; लापरवाही का आरोप
Jaunpur News: जौनपुर के प्राथमिक विद्यालय बनपुरवा, परियांव में कक्षा-2 का छात्र कक्षा में बंद रह जाने के मामले में बीएसए समीर ने सहायक अध्यापिका कृष्णा कुमारी को निलंबित कर दिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की पुष्टि हुई। मामले की विस्तृत जांच के लिए बीईओ मुंगरा बादशाहपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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Jaunpur News: जौनपुर के सिरकोनी विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बनपुरवा, परियांव में कक्षा-2 के छात्र के विद्यालय की कक्षा में बंद रह जाने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर सहायक अध्यापिका कृष्णा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मुंगरा बादशाहपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई को सोशल मीडिया और ग्रामीणों के माध्यम से सूचना मिली थी कि प्राथमिक विद्यालय बनपुरवा, परियांव में कक्षा-2 का छात्र विपिन निषाद विद्यालय की कक्षा के अंदर बंद रह गया है। सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की।
बीईओ सिरकोनी द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में छात्र के कक्षा के अंदर बंद रह जाने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में संबंधित सहायक अध्यापिका की प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर बीएसए ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।
घटना के बाद छात्र के परिजनों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। मामले ने सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ा, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया।
बीएसए समीर ने आदेश जारी करते हुए निलंबन अवधि के दौरान सहायक अध्यापिका कृष्णा कुमारी को उच्च प्राथमिक विद्यालय परियांव (सिरकोनी) से संबद्ध किया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी, मुंगरा बादशाहपुर को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए ने कहा कि जांच में यदि अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भी लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।