जौनपुर: सस्ते सोने का झांसा देकर व्यापारी से तीन लाख की लूट, तीन आरोपी गिरफ्तार; पांच पुलिसकर्मी भी निलंबित
जलालपुर में सस्ते सोने का झांसा देकर व्यापारी से तीन लाख रुपये और कार लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से नकदी और कार बरामद हुई। मामले में कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर एक उपनिरीक्षक, तीन पुलिसकर्मी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
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जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र में डिस्काउंट रेट पर सस्ता सोना दिलाने का झांसा देकर व्यापारी से तीन लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए तीन लाख रुपये और पीड़ित की कार बरामद की गई है। वहीं, शुरुआती स्तर पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपनिरीक्षक, तीन मुख्य आरक्षी/आरक्षी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को शाम करीब 7:35 बजे पीड़ित आकाश सेठ निवासी शक्करमंडी, थाना कोतवाली, जौनपुर ने डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र के सीओजी नंबर पर सूचना दी। बताया कि उसे अज्ञात मोबाइल नंबर से डिस्काउंट रेट पर सस्ता सोना दिलाने का प्रलोभन दिया गया था।
झांसे में आकर आकाश सेठ अपने मित्र सौरभ प्रताप के साथ तीन लाख रुपये नकद लेकर जलालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम इजरी पहुंचा। आरोप है कि वहां अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह, इंद्रजीत सरोज और विशाल सिंह ने दोनों के साथ मारपीट की। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर तीन लाख रुपये नकद और कार लूट ली।
सूचना मिलने के बाद डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। शिकायत सही पाए जाने पर जलालपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 383/2026 के तहत बीएनएस की धाराओं 309(4), 115(2), 352 और 351(3) में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय सिंह उर्फ पिंटू (51), निवासी इजरी, शुभम सिंह (28), निवासी इजरी और इंद्रजीत सरोज (56), निवासी निहालपुर, थाना केराकत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से पीड़ित की कार संख्या यूपी65सीएफ1241 और तीन लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान शुरुआती स्तर पर जलालपुर पुलिस की ओर से समय से कार्रवाई न करने, तहरीर मिलने के बावजूद मुकदमा दर्ज न करने और मामले में शिथिलता बरतने की बात सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।