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घरों में विराजे लड्डू गोपाल, गली गली में गूंजा जय कन्हैया लाल
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वाराणसी। काशी में घर घर लड्डू गोपाल विराजे और जन्माष्टमी का उल्लास शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण के कारण सभी सार्वजनिक आयोजन निरस्त हैं तो घरों में ही सबसे ज्यादा रौनक है। काशी में 11 से 13 अगस्त तक कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास रहेगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप अक्षयवट हनुमान मंदिर में श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।
महंत परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पूजन अर्चन किया गया। मंदिर प्रांगण को कामिनी, अशोक की पत्तियों से सजाया गया था। संध्या में नंदलाल का तुलसी, टेंगरि, गुलाब की मालाएं अर्पित की गईं। भव्य शृंगार किया गया। मध्य रात्रि लग्नानुसार बाबा का विधिवत जन्म हुआ। पंचामृत स्नान के बाद नव वस्त्र धारण कराया गया। जन्मोत्सव महंत नील कुमार मिश्रा व बच्चा पाठक द्वारा किया गया। राजू पाठक व अंकित मिश्रा के नेतृत्व में परंपरा निभाई गई। इस्कॉन मंदिर, गोपाल मंदिर, धर्मसंघ, त्रिदेव मंदिर, श्याम मंदिर में प्रभु श्याम की झांकी सजाई गई, लेकिन सार्वजनिक आयोजन नहीं हुए। पिपलानी कटरा स्थित राधे कृष्ण मंदिर में जन्मोत्सव मनाया गया। कलाकारों ने कान्हा के जन्म का आनंदोत्सव मनाया। सितार और तबले पर विशाल और रजनीश मिश्र ने संगत की। आशीष मिश्रा ने भजन और समापन पं. कांता प्रसाद मिश्र ने बंदिश से की। इस दौरान मंदिर में राधा कृष्ण की भव्य आरती उतारी गई।
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महंत परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पूजन अर्चन किया गया। मंदिर प्रांगण को कामिनी, अशोक की पत्तियों से सजाया गया था। संध्या में नंदलाल का तुलसी, टेंगरि, गुलाब की मालाएं अर्पित की गईं। भव्य शृंगार किया गया। मध्य रात्रि लग्नानुसार बाबा का विधिवत जन्म हुआ। पंचामृत स्नान के बाद नव वस्त्र धारण कराया गया। जन्मोत्सव महंत नील कुमार मिश्रा व बच्चा पाठक द्वारा किया गया। राजू पाठक व अंकित मिश्रा के नेतृत्व में परंपरा निभाई गई। इस्कॉन मंदिर, गोपाल मंदिर, धर्मसंघ, त्रिदेव मंदिर, श्याम मंदिर में प्रभु श्याम की झांकी सजाई गई, लेकिन सार्वजनिक आयोजन नहीं हुए। पिपलानी कटरा स्थित राधे कृष्ण मंदिर में जन्मोत्सव मनाया गया। कलाकारों ने कान्हा के जन्म का आनंदोत्सव मनाया। सितार और तबले पर विशाल और रजनीश मिश्र ने संगत की। आशीष मिश्रा ने भजन और समापन पं. कांता प्रसाद मिश्र ने बंदिश से की। इस दौरान मंदिर में राधा कृष्ण की भव्य आरती उतारी गई।
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