जन्माष्टमी: 45 साल पुरानी परंपरा को तीसरी पीढ़ी दे रही आकार, कलेक्ट्रेट में सजेंगी कृष्णलीलाओं की झांकियां
गाजीपुर में कृष्ण जन्माष्टमी पर 45 साल पुरानी परंपरा को तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। कलेक्ट्रेट परिसर में इस बार भी कृष्णलीलाओं से जुड़ी आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। परिवार की तीसरी पीढ़ी झांकियों को आकार देने में जुटी है। इससे पुरानी परंपरा के साथ नई पीढ़ी का जुड़ाव भी कायम है।
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गाजीपुर कलेक्ट्रेट में कृष्ण जन्माष्टमी पर सजने वाली स्वचालित कृष्णलीला की झांकियों की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 45 साल पहले जिन कारीगरों ने कलेक्ट्रेट में पहली बार स्वचालित मूर्तियों के जरिए कृष्ण लीलाओं को जीवंत किया था, अब उनकी तीसरी पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। बक्सर से पहुंची आठ सदस्यीय टीम के चार सदस्य दिन-रात झांकियों के लिए मूर्तियां और स्वचालित ढांचे तैयार करने में जुटे हैं।
कारीगर राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 1982 में उनके उस्ताद और चाचा अनंत कुमार को तत्कालीन जिलाधिकारी के अर्दली जयराम बक्सर से गाजीपुर लेकर आए थे। अनंत कुमार ने अपने एक सहायक के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में पहली बार कृष्ण लीलाओं की स्वचालित मूर्तियां तैयार की थीं। इसके बाद वर्ष 1986 में उनके साथ शिवजी प्रसाद और शिवशंकर प्रसाद भी गाजीपुर आए। दोनों ने स्वचालित झांकियों के निर्माण का काम अलग-अलग संभाला।
वर्ष 1991 में राजेश कुमार भी अनंत कुमार के साथ गाजीपुर पहुंचे और लाग कारीगरी की बारीकियां सीखीं। इसके बाद स्वचालित ढांचे तैयार करने की जिम्मेदारी उन्होंने संभाल ली। वर्ष 2024 में शिवशंकर प्रसाद के कमजोर होने के बाद उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी के राजकिशोर प्रजापति ने मूर्तियां तैयार करने की जिम्मेदारी संभाली। 31 मार्च 2025 को शिवशंकर प्रसाद के निधन के बाद राजकिशोर मुख्य मूर्तिकार बने। उनके छोटे भाई विजय प्रजापति भी अब इस काम में हाथ बंटा रहे हैं।
17 झांकियों में जीवंत होंगी कृष्ण लीलाएं
इस बार कलेक्ट्रेट में 17 झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें वासुदेव की यमुना पार करने, यशोदा के माखन निकालने और कृष्ण को डांटने, पूतना वध, कालिया नाग मर्दन, वकासुर वध, शिशुपाल वध, कंस वध और रासलीला समेत विभिन्न प्रसंग स्वचालित मूर्तियों के माध्यम से दिखाए जाएंगे। हनुमान के सीना फाड़ने की झांकी भी आकर्षण का केंद्र होगी।
27 अगस्त हो रहा निर्माण
राजेश कुमार के अनुसार टीम 27 अगस्त को बक्सर से गाजीपुर पहुंची थी। इसके बाद रायफल क्लब सभागार परिसर में झांकियों का निर्माण शुरू किया गया। तैयार होने के बाद इन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में लगाया जाएगा, जहां कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इनका दर्शन करने पहुंचते हैं।