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वाराणसी : इस्कॉन में कृष्ण जन्मोत्सव पर रशियन बैंड का आनंद लेंगे भक्त, 23 से 25 अगस्त तक चलेगा आयोजन

Fri, 23 Aug 2019 12:21 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 23 Aug 2019 12:21 AM IST
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janmashtami celebration with Russian band in ISKCON temple in varanasi
जन्माष्टमी। - फोटो : अमर उजाला

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर रसियन रॉक बैंड के भजनों की धुन भक्तों को रिझाएगी। रूस से आने वाले श्रीकृष्ण के भक्तों की भजन मंडली जन्मोत्सव में संगीत के नए रंग बिखेरेगी। 23 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दिवसीय श्रीकृष्ण महामहोत्सव में झांकियों के साथ ही विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

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यह जानकारी इस्कॉन मंदिर कमेटी के चेयरमैन दीपक मधोक और मंदिर के अध्यक्ष कृष्णार्चन दास ने बुधवार को दी। श्रीकृष्ण महामहोत्सव की शुरुआत 23 अगस्त को आरती, कीर्तन व भजन से होगी। इस दौरान अमित अग्रवाल, आनंद कृष्ण दास, साक्षी मुरारी दास मौजूद रहे। इसके साथ ही महमूरगंज में स्थित माहेश्वरी भवन में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव शुक्रवार की सुबह से शुरू हो जाएगा। मुख्य समारोह 24 अगस्त को होगा।
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सज गए बाजार :
कान्हा के जन्मदिन के लिए बाजार सज गए हैं। उनके सिंहासन से लेकर बिस्तर, अंग वस्त्र की कई वैरायटी मार्केट में हैं। प्रोडक्ट के अनुसार उनकी कीमत तय है। लड्डू गोपाल की मूर्ति 55 रुपये से दस हजार तक में मिल रही है। शहरवासी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में कन्हैया को सजाने के लिए बाजार में मोतियों ओर नगों से सजी माइकल जैक्सन हैट, चश्मे और चांदी की जूतियां हैं। ठाकुरजी को गर्मी से बचाने के लिए छोटे कूलर को लड्डू गोपाल जी के पास रखकर चला सकते है।

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जन्माष्टमी पर कान्हा के शृंगार के साथ झांकी सजाने के लिए दुकानें सज चुकी हैं। मथुरा, वृंदावन, और गोकुलधाम में मिलने वाले शृंगार सामग्री व पोशाक अब शहर में भी उपलब्ध है। सोने सा दिखने वाले सिंहासन मखमली अंगवस्त्र से नजर हट नहीं रही है।

गृहस्थ 23 को और वैष्णव 24 को रखेंगे व्रत :
रोहिणी च यदा कृष्णे पक्षेष्टम्यां द्विजोत्तम। जयंती नाम सा प्रोक्ता सर्वपापहरातिथि।। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में अर्द्धरात्रि के समय वृष के चंद्रमा में हुआ था। 22 अगस्त को अष्टमी रात्रि में तीन 3:16 मिनट से शुक्रवार को 23 अगस्त को 3:18 मिनट तक है।

रोहिणी नक्षत्र शुक्रवार को 23 अगस्त को रात्रि 12:10 मिनट से लगकर 24 अगस्त को रात्रि 12:28 बजे तक है। शुक्रवार को 23 अगस्त को रात्रि में अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का योग बन रहा है। जब मध्य रात्रि में अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र का योग बनता है तो सर्वपाप को हरने वाली जयंती योग से युक्त जन्माष्टमी होती है। बीएचयू के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार जन्माष्टमी के व्रत से पापों का शमन और सुखों की वृद्धि होती है। इस व्रत को सभी बाल, युवा, वृद्ध और नर-नारी कर सकते हैं।

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