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BHU News: मंच पर जीवंत हुए वास्तविक खुशी के भाव, जयशंकर प्रसाद के नाटक एक घूंट का मंचन
Tue, 27 Feb 2024 04:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 27 Feb 2024 04:00 PM IST
सार
BHU News: बीएचयू के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में नाटक की भावपूर्ण प्रस्तुति पर दर्शकों ने भी कलाकारों के अभिनय को सराहा। पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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बीएचयू के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में जयशंकर प्रसाद के नाटक एक घूंट का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र, जयशंकर प्रसाद ट्रस्ट और संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित नाटक की शृंखला के अंतिम दिन जयशंकर प्रसाद के नाटक एक घूंट का मंचन हुआ। बीएचयू के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में नाटक की भावपूर्ण प्रस्तुति पर दर्शकों ने भी कलाकारों के अभिनय को सराहा।
चंद्रभाष सिंह के निर्देशन में इस नाटक में समाज में उन्मुक्त प्रेम यानी लिव इन रिलेशनशिप पर आधारित था। जयशंकर प्रसाद ने अपने नाटक के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि भारतीय समाज और मूल्यों में उन्मुक्त प्रेम स्वीकार्य नहीं है। यह नाटक तीन दांपत्य परिवारों की पृष्ठभूमि को स्पंदित करता है।
नायक के मतानुसार विवाह बंधन व्यर्थ और दुख का कारण है तो दूसरी ओर सह नायक मुकुल आनंद के दर्शन और खोखले आदर्श का खंडन कर भारतीय आत्मा व दर्शन को प्रतिपादित करता है। इस दौरान अनुराधा द्विवेदी, डॉ. कविता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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चंद्रभाष सिंह के निर्देशन में इस नाटक में समाज में उन्मुक्त प्रेम यानी लिव इन रिलेशनशिप पर आधारित था। जयशंकर प्रसाद ने अपने नाटक के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि भारतीय समाज और मूल्यों में उन्मुक्त प्रेम स्वीकार्य नहीं है। यह नाटक तीन दांपत्य परिवारों की पृष्ठभूमि को स्पंदित करता है।
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नायक के मतानुसार विवाह बंधन व्यर्थ और दुख का कारण है तो दूसरी ओर सह नायक मुकुल आनंद के दर्शन और खोखले आदर्श का खंडन कर भारतीय आत्मा व दर्शन को प्रतिपादित करता है। इस दौरान अनुराधा द्विवेदी, डॉ. कविता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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