खुलासा: जेल में बंद सचिन शर्मा ने एयरपोर्ट पर नौकरी लगवाने के नाम पर भी की थी ठगी, पीड़ितों ने वाराणसी पुलिस से साधा संपर्क
वाराणसी के युवक से दो करोड़ की ठगी मामले में गिरफ्तारअजमेर नगर निगम से निलंबित बाबू सचिन शर्मा के बारे में वाराणसी पुलिस को प्रतिदिन नई जानकारी मिल रही है।
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पिछले माह रेशम कंपनी के प्रबंधक से दो करोड़ की ठगी में गिरफ्तार सचिन शर्मा के बारे में वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस को प्रतिदिन नई जानकारी मिल रही है। अजमेर नगर निगम से निलंबित बाबू सचिन शर्मा पर मेरठ के बेहसूमा थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।
दिसंबर 2021 में दर्ज मुकदमे के मामले में मेरठ के पीड़ितों ने कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क किया है। अंतरराज्यीय ठग गिरोह के कर्ता धर्ता सचिन शर्मा ने मेरठ एयरपोर्ट पर केबिन क्रू की नौकरी लगवाने के नाम पर 27 लाख रुपये की ठगी की थी।
15 लाख में नौकरी लगवाने की डील
मेरठ के बेहसूमा थाना अंतर्गत मास्टर कॉलोनी निवासी पीड़ित राबिन सिंह के अनुसार दिसंबर 2021 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में तेजगढ़ी निवासी पवन से मुलाकात हुई। उसने एयरपोर्ट पर केबिन क्रू की नौकरी लगवाने ऑफर दिया। इसके बाद गुरुदास लक्ष्मीनगर नई दिल्ली निवासी श्याम गोस्वामी और महिपालपुर स्थित होटल रेडिशन ब्लू में सचिन उर्फ सुशांत शर्मा से मुलाकात कराई।
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15 लाख रुपये प्रति व्यक्ति नौकरी लगवाने की डील हुई। अपने तीन दोस्तों को राजी करते हुए सचिन व श्याम के बताए हुए बैंक खाते में 27 लाख रुपये डाल दिए। बाद में दोनों गायब हो गए। इसमें श्याम गोस्वामी गिरफ्तार किया गया था, जबकि सचिन फरार हो गया था। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि जेल में बंद सचिन शर्मा के बारे में रोज नए-नए मुकदमे सामने आ रहे हैं। मेरठ के रहने वाले पीड़ित रॉबिन ने भी कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क किया है।
यह था बनारस का मामला
27 अप्रैल को सचिन शर्मा, पंकज भारद्वाज, तरुण गौतम व रोहन खिंची को पौने दो करोड़ कैश के साथ गाजियाबाद और मुंबई से कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 20 अप्रैल को रेशम कंपनी के प्रबंधक अंकित शुक्ला को जीएसटी में लाभ पहुंचाने का झांसा देकर पिशाचमोचन से दो करोड़ रुपये लेकर भाग निकले थे।