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अपराधियों के नेटवर्क के आगे बौनी हैं जिला जेल की सुविधाएं

Sun, 16 May 2021 01:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 01:31 AM IST
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jail
वाराणसी। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के अपराधियों का नेटवर्क जेल से भी संचालित हो रहा है। जेल के अंदर फोर-जी मोबाइल धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। जेल से फोन कर धमकाने और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अपराधी पीछे नहीं है। इसका कारण यह है कि जेल में अब तक फोर-जी जैमर नहीं लग सका है। अपराधी फोर-जी मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं और जेल में टू-जी का जैमर लगा है। चित्रकूट जेल में हुए गैंगवार के बाद एक बार फिर जिला जेल में अपराधियों की तलाशी ली जाने लगी है।
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जिला जेल में फोर-जी मोबाइल का अपराधी उपयोग कर व्हाट्सएप कालिंग के जरिए आपराधिक गतिविधियों को संचालित करते हैं। व्हाट्सएप कालिंग के जरिए वे किसी को धमकी देते हैं तो पुलिस के लिए इसे पुष्ट कर पाना आसान नहीं होता है। विभागीय जानकारों के अनुसार, जेल में अधिकतर बरामद होने वाले मोबाइल फोन फोर-जी ही होते हैं। जब उच्चाधिकारियों का जेल में दौरा होता है तो बैरकों के बाहर या फिर टायलेट के पीछे बंदी मोबाइल फेंक देते हैं। जिला जेल में कई बार बंदी फेसबुक पर बैरक के अंदर फोटो शेयर करते मिले हैं। इसकी जेल मुख्यालय ने जांच भी कराई है।
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2100 बंदियों को संभालते हैं 72 बंदी रक्षक
चौकाघाट के जिला जेल प्रशासन के सामने एक चुनौती यह भी है कि यहां क्षमता से तीन गुना बंदी हैं। इन पर नजर रखने के लिए मात्र 72 बंदी रक्षक हैं, इसमें चार महिला और 68 पुरुष हैं। जेल की क्षमता 747 बंदियों की है लेकिन 2100 बंदी हैं। जेल के अंदर 17 बैरक है और एक बैरक की क्षमता 50 बंदी की है लेकिन बैरक में 170 बंदी तक रह रहे हैं। इसे लेकर आए दिन बंदियों में विवाद भी होता है।महिला बैरक एक ही है और उसमें महिला बंदियों की 25 से 30 है।
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दावा, काम कर रहे हैं 30 सीसीटीवी कैमरे
चित्रकूट जेल के अंदर जिस बैरक में कुख्यात अंशु दीक्षित रहता था, उस बैरक
का सीसीटीवी दो माह से खराब था। हालांकि चौकाघाट जिला जेल प्रशासन का दावा है कि 30 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सभी काम कर रहे हैं।
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जेल में मेराज के हिस्ट्रीशीटर भांजे परवेज की सुरक्षा बढ़ाई
चित्रकूट जेल के अंदर गैंगवार में मारे गए मेराज का भांजा परवेज जिला
जेल में बंद है। चित्रकूट घटना के बाद से जिला जेल प्रशासन ने परवेज की
सुरक्षा बढ़ा दी है। फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण कराने के आरोप
में मेराज का साथ देने में नदेसर निवासी परवेज पर भी कैंट थाने में मुकदमा
दर्ज है। मुख्तार के करीबी मेराज के भांजे को कैंट पुलिस ने 27 सितंबर 2020 को नदेसर स्थित घर से गिरफ्तार किया था। परवेज पर 21 आपराधिक मुकदमे हैं।
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जेल में चेकिंग अभियान चलाई जाती है। किसी भी बंदी के पास मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित सामग्री नहीं पहुंचती है। जिला जेल में सुरक्षा पुख्ता है। - पीके त्रिवेदी, जेलर, जिला जेल
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